वर्धा में बिजली चोरों पर महावितरण का ‘हंटर’, 9 महीने में 1.82 करोड़ की चोरी पकड़ी, 11 पर FIR दर्ज!
Wardha Power Theft: वर्धा में महावितरण का बड़ा एक्शन। 9 महीनों में 1.82 करोड़ की बिजली चोरी पकड़ी। 11 लोगों पर FIR और 1.48 करोड़ की वसूली। चोरी की जानकारी देने पर मिलेगा इनाम।
- Written By: प्रिया जैस
बिजली चोरी (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Mahavitaran Crackdown: महावितरण की सुरक्षा और कार्यान्वयन विभाग के तहत कार्यरत उड़न दस्ते ने वर्धा जिले में अप्रैल से दिसंबर 2025 तक मात्र 9 महीनों में कुल 1.82 करोड़ रुपये की बिजली चोरी का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में 11 लापरवाह उपभोक्ताओं के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला दर्ज किया गया, जबकि संदेह के घेरे में आए 557 बिजली कनेक्शनों की भी बारीकी से जांच की गई।
इस कड़ी कार्रवाई ने बिजली चोरी करने वालों के हौसले पस्त कर दिए हैं। उड़न दस्ते ने इन नौ महीनों में जिले के 557 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शनों की गहन जांच की। इसमें घरेलू, व्यावसायिक और औद्योगिक सभी प्रकार के उपभोक्ता शामिल थे। जांच के दौरान चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि 158 उपभोक्ताओं के पास सीधे बिजली चोरी हो रही थी।
कुल 23 मामले आए सामने
इन चोरों के खिलाफ विद्युत अधिनियम 2003 के संशोधित धारा 135 के तहत कठोर कार्रवाई की गई। इस एक धारा के अंतर्गत 95 लाख रुपये की चोरी का मामला उजागर हुआ। बिजली चोरी के अलावा, महावितरण ने उन उपभोक्ताओं पर भी ध्यान केंद्रित किया जो अनधिकृत बिजली उपयोग या अनुमत भार से अधिक बिजली उपयोग कर रहे थे। विद्युत अधिनियम के तहत कुल 23 मामलों में 87.8 लाख रुपये की अनियमितता सामने आई।
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वर्धा में 51 हजार बिजली उपभोक्ताओं पर ₹12.32 करोड़ बकाया, महावितरण ने शुरू किया कनेक्शन काटने का अभियान
बिजली चोरी और अनियमितताओं की कुल कार्रवाई मिलाकर 1.28 करोड़ रुपये का दंड निर्धारित किया गया, जिसमें से 1.48 करोड़ रुपये की वसूली महावितरण ने संबंधित उपभोक्ताओं से की। जिन उपभोक्ताओं ने चोरी की राशि और दंड का भुगतान करने में हिचकिचाहट दिखाई, उनके खिलाफ महावितरण ने अब पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। विभिन्न पुलिस थानों में कुल 11 उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए हैं। महावितरण ने स्पष्ट संदेश दिया है कि बिजली चोरी केवल दंडनीय अपराध नहीं, बल्कि आपराधिक मामला है।
जानकारी दें और पुरस्कार पाएं
बिजली चोरी एक सामाजिक अपराध है। इससे बिजली वितरण में नुकसान होता है और आम ग्राहकों पर इसका बोझ बढ़ता है। इसे रोकने के लिए महावितरण ने जनता से सहयोग का आग्रह किया है। अपने इलाके में बिजली चोरी की जानकारी स्थानीय भरारी टीम या नजदीकी महावितरण कार्यालय को दें। जानकारी देने वाले का नाम पूर्णत: गोपनीय रखा जाएगा, महावितरण द्वारा उचित इनाम देकर सम्मानित किया जाएगा।
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बिजली चोरी के खिलाफ विशेष अभियान
बिजली चोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नागरिकों से अपील है कि वे चोरी किए बिना केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से ही बिजली का उपयोग करें और महावितरण का सहयोग करें। भविष्य में भी इस अभियान को और कठोर बनाया जाएगा।
- स्मिता पारेख, अधीक्षक अभियंता, वर्धा
प्वाइंटर..
- 9 महीनों में कुल 1.82 करोड़ रुपये की बिजली चोरी
- 11 लापरवाह उपभोक्ताओं के खिलाफ FIR
- 557 बिजली कनेक्शन संदेह के घेरे में
- 158 उपभोक्ता कर रहे थे बिजली चोरी
- कुल 23 मामलों में 87.8 लाख रुपये की अनियमितता
- उपभोक्ताओं से 1.48 करोड़ रुपये की वसूली
