Black Spots In Wardha:वर्धा जिले में सड़क हादसों पर अंकुश (सोर्सः सोशल मीडिया)
Wardha Road Accidents: वर्धा जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाएं एक गंभीर समस्या बनती जा रही हैं। बार-बार दुर्घटनाएं होने वाले स्थानों को चिन्हित कर उन्हें ‘ब्लैक स्पॉट’ घोषित किया गया है। इन स्थानों पर सड़क हादसों को रोकने के लिए पहले प्राथमिक और उसके बाद स्थायी उपाययोजनाएं लागू करने का निर्णय जिला स्तरीय समिति द्वारा लिया गया है। वर्तमान में जिले में कुल 32 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से आधे से अधिक स्थानों पर प्राथमिक उपाय किए जा चुके हैं, जबकि कुछ स्थानों पर स्थायी समाधान भी लागू किए गए हैं।
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में जिले में कुल 402 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं, जिनमें 197 लोगों की मृत्यु हुई थी। वहीं वर्ष 2025 में नवंबर के अंत तक 315 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 147 लोगों की जान गई है। बार-बार दुर्घटनाएं होने वाले स्थानों को चिन्हित कर वहां ‘X’ मार्किंग करने की नीति तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अनुराग जैन ने अपनाई थी। उनके और उनकी टीम के विशेष प्रयासों से जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कुछ हद तक कमी दर्ज की गई। इसी बीच दिसंबर माह में पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण हुआ और नए पुलिस अधीक्षक सौरभकुमार अग्रवाल ने वर्धा जिले का कार्यभार संभाला है। वे भी सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने पर विशेष जोर दे रहे हैं।
समुद्रपुर तहसील के शेडगांव क्षेत्र में लगातार सड़क दुर्घटनाएं होती थीं, जिसके चलते इस स्थान को ब्लैक स्पॉट घोषित किया गया था। यहां स्थायी उपाय के रूप में फ्लायओवर का निर्माण किया गया है। इसके बाद इस क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी आई है।
वर्धा के ARTO स्नेहा मेंढे ने कहा कि जिले में कुल 36 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। सभी स्थानों पर प्राथमिक उपाय किए गए हैं और कुछ जगहों पर स्थायी उपाययोजनाएं भी लागू की गई हैं। कुछ ब्लैक स्पॉट पर संबंधित विभागों को स्थायी समाधान के निर्देश दिए गए हैं। सड़क दुर्घटनाओं की संख्या कम करने के लिए जिले में विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
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अगस्त: 35
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