वर्धा का धाम उन्नई बांध बना चिंता का कारण, दरारों में सिमटी सुरक्षा, नागरिकों में दहशत
Wardha Dham Unnai Dam: वर्धा के धाम उन्नई बांध की हालत जर्जर होती जा रही है। दीवारों में दरारें, जंग लगी प्लेटें और कचरा जमा होने से किसी भी समय हादसे का खतरा बना हुआ है।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Wardha District Dam Safety: वर्धा जिले के अधिकांश बड़े, मध्यम एवं छोटे बांधों की ओर प्रशासन तथा संबंधित विभागों का पूरी तरह से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वर्धा से कुछ ही दूरी पर स्थित धाम मध्यम प्रकल्प के अंतर्गत धाम नदी पर निर्मित धाम उन्नई बांध इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहाता नजर आ रहा है। बांध की देखरेख और मरम्मत की ओर पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है, जिससे इसकी सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
बांध की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं, लोहे की प्लेटें जर्जर हो गई हैं और यहां हमेशा कचरा अटका रहत्ता है। किसी भी समय अनहोनी घटना घटने की आशंका को लेकर क्षेत्र के नागरिकों में भय का माहौल बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि वर्धा-आर्वी मार्ग से येलाकेली के समीप खर्डा की ओर जाने वाले मार्ग पर धाम नदी पर कई वर्ष पूर्व धाम उन्नई बांध का निर्माण किया गया था।
यह बांध धाम मध्यम प्रकल्प के अंतर्गत जलसंपदा विभाग के कार्यक्षेत्र में आता है। इसका सिंचाई क्षेत्र 319.86 वर्ग किमी बताया गया है, जबकि जलसंचय क्षमता 102.36 दलघमी है। बांध पर स्वचालित लोहे के कुल 16 गेट लगे हुए हैं, जिनका आकार 6×5 मीटर है। बांध से प्रभावित क्षेत्र लगभग 4 हेक्टेयर बताया गया है। बांध परिसर में ही महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (मजीप्रा) का पंपिंग हाउस भी स्थित है। पिछले कई वर्षों से बांध की देखरेख और मरम्मत की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया है।
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बांध के लोहे के गेट जंग खा रहे हैं और बड़ी मात्रा में कचरा जमा रहता है। बांध की सुरक्षा पूरी तरह रामभरोसे है। यहां कोई कर्मचारी तैनात नहीं रहता, जिससे कोई भी व्यक्ति बांध की दीवार पर आसानी से आ जा सकता है। दीवार पर सुरक्षा बैरिके का भी अभाव है। दीवारों पर झाड़ियां उग आई हैं और जगह-जगह दरारें दिखाई दे रही हैं, लेकिन अब तक मरम्मत नहीं की गई है। नागरिकों द्वारा बांध की सुरक्षा की ओर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की जा रही है।
नदी पात्र से हो रही रेत की चोरी
बांध क्षेत्र के नदी पात्र से खुलेआम रेत का अवैध उत्खनन और ढुलाई की जा रही है। इस ओर भी संबंधित विभागों का कोई ध्यान नहीं है। दिनदहाड़े वाहनों के माध्यम से रेत की बुलाई होने की जानकारी सामने आ रही है, जिससे नदी पात्र में गड्ढे बन रहे हैं और क्षेत्र के मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।
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असामाजिक तत्वों का रहता है डेरा
बांध क्षेत्र में बने निर्माण कार्यों में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है। यहां गांजेड़ी और शराबियों ने अपना अड्डा बना लिया है। बिना किसी रोक-टोक के अवैध गतिविधियां चल रही हैं। परिसर में बनी इमारतों में शराब की खाली बोतलें पड़ी रहती हैं, जिससे क्षेत्र में असरक्षा का माहौल बना हुआ है।
