प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स : सोशल मीडिया )
Government Scheme Hindi News : वर्धा जिले की बोर परियोजना में अमेय मल्टीसोल्यूशन संस्था तथा अन्य मत्स्यपालन संस्थाओं के माध्यम से प्रशासन की योजना के तहत 12 मत्स्य केज कल्चर इकाइयां शुरू की गई हैं। पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने रविवार को इन सभी केज कल्चर इकाइयों का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर तहसीलदार शकुंतला पाराजे, मत्स्य व्यवसाय सहायक आयुक्त स्वप्नील वालदे, अमेय मल्टीसोल्यूशन के संचालक मयंक सिंह, उमेद संस्था के नीरज नखाते, अशोक मुडे तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी रूपेश खेडकर सहित अन्य अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने निर्देश दिए कि केज कल्चर इकाइयों के माध्यम से आसपास के मत्स्यपालकों को प्रशासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ कैसे दिलाया जा सकता है, इस दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं, उन्होंने इस संबंध में मत्स्य व्यवसाय सहायक आयुक्त स्वप्नील वालदे को आवश्यक निर्देश दिए।
पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने जिले में मत्स्यपालन क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए महिला बचत समूहों को भी मत्स्यपालन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, इसके लिए जिला स्तर पर मत्स्य विभाग द्वारा उमेद संस्था के सहयोग से कार्यशालाओं का आयोजन किया जाए, ऐसी सूचना भी पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने दी।
इस अवसर पर पालकमंत्री ने केज कल्चर में पाली जा रही मछलियों की विभिन्न प्रजातियों की जानकारी ली तथा शहर में मत्स्यपालकों के लिए उपलब्ध बाजार व्यवस्था के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
वर्तमान में बोर परियोजना में अमेय मल्टीसोल्यूशन एवं अन्य संस्थाओं के माध्यम से 12 केज कल्चर इकाइयां संचालित है। प्रत्येक इकाई में औसतन 3 टन मत्स्य उत्पादन किया जा रहा है, जिससे वार्षिक लगभग 36 लाख रुपये का मत्स्य उत्पादन हो रहा है।
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इस उत्पादन में और वृद्धि करने के लिए स्थानीय मत्स्यपालन संस्थाओं को प्रशासन की योजनाओं के अंतर्गत लाभ देने के प्रयास किए जाएं, ऐसा पालकमंत्री ने कहा।