TOD मीटर से लाखों की छूट, वर्धा में 3 महीने में 50 हजार से ज्यादा उपभोक्ता, सामने आई ये चुनौतियां
Wardha News: देश के कई राज्यों व जिलों में अब पारंपरिक बिजली मीटर की जगह TOD मीटर (टाइम ऑफ डे मीटर) लगाए जा रहे हैं। इससे बिजली की खपत के आधार पर बिल अब दिन के समय के अनुसार बदलेगा।
- Written By: प्रिया जैस
स्मार्ट मीटर (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Wardha News: बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक नई व्यवस्था का दौर शुरू हो चुका है। कई राज्यों व जिलों में अब पारंपरिक बिजली मीटर की जगह टीओडी मीटर (टाइम ऑफ डे मीटर) लगाए जा रहे हैं, जिससे बिजली की खपत के आधार पर बिल अब दिन के समय के अनुसार बदलेगा। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को कम मांग के समय में बिजली उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना और पावर ग्रिड पर दबाव को संतुलित करना है।
जिले में पिछले माह में 56 हजार 173 बिजली ग्राहकों ने उक्त मीटर के जरिए बिजली बिलों में करीब 7 लाख 29 हजार 475 रुपये तक छूट मिलने की जानकारी महावितरण ने दी है। महावितरण ने बताया कि, टीओडी मीटर एक स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक मीटर होता है, जो यह रिकॉर्ड करता है कि उपभोक्ता ने बिजली किस समय पर उपयोग की।
अलग-अलग रेट से बिलिंग
इसके आधार पर अलग-अलग समय पर अलग-अलग रेट से बिलिंग की जाती है। इसमें पीक आवर शाम 6 से रात 10 बजे तक बिजली दरें अधिक होती है। ऑफ-पीक आवर रात 10 से सुबह 6 बजे तक बिजली दरें कम है। वहीं नॉर्मल समय में सुबह 6 से शाम 6 बजे तक सामान्य दरें आकार किये जाते है।
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टीओडी मीटर से उपभोक्ता अपनी बिजली की खपत को बेहतर ढंग से मैनेज कर सकते हैं। रात या कम पीक समय में भारी उपकरण चलाने पर बिल कम आएगा। औद्योगिक इकाइयों को विशेष लाभ मिल रहा है, जो नाइट शिफ्ट में उत्पादन कर रही हैं। बिजली वितरण कंपनियां अब बड़े उपभोक्ताओं के लिए टीओडी मीटर अनिवार्य कर रही हैं। कुछ राज्यों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए भी यह व्यवस्था लागू की जा रही है।
उपभोक्ताओं को क्या लाभ व चुनौतियां
महावितरण के अनुसार, टीओडी मीटर से पावर डिमांड को नियंत्रित करना आसान होगा और उपभोक्ताओं को भी फायदा होगा। हालांकि, कुछ उपभोक्ताओं की शिकायत भी है कि मीटर रीडिंग और बिलिंग प्रक्रिया अब पूरी तरह से पारदर्शी नहीं है। तकनीकी खराबियों की भी खबरें आई हैं, जिन्हें दूर करने के लिए बिजली कंपनियां प्रयासरत हैं।
टीओडी मीटर प्रणाली बिजली उपयोग की संस्कृति में एक सकारात्मक बदलाव ला रही है। यदि इसे ठीक से लागू किया जाए और पारदर्शिता बनाए रखी जाए, तो यह उपभोक्ता और सरकार दोनों के लिए फायदेमंद सिद्ध हो सकती है, ऐसा दावा महावितरण ने किया है।
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| महिना | उपभोक्ता | सहुलियत |
|---|---|---|
| जुलाई | 11,176 | 69,740 रुपये |
| अगस्त | 9,153 | 1,07,872 रुपये |
| सितंबर | 35,844 | 5,51,862 रुपये |
| कुल | 56,173 | 7,29,474 रुपये |
