Nitin Gadkari और जर्जर पुल (सोर्स- नवभारत डिजाइन)
Wardha River Bridge News: वर्धा नदी के छोटा पुल जर्जर हो गया है़ अवागमन के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होने से पुल के निर्माण के लिए 40 करोड़ का निधि मंजूर किया गया था़ लेकिन मंत्रालय की फाइलों में निधि अटका होने की जानकारी है, ऐसे में नागरिकों ने विधायक राजेश बकाने की ओर गुहार लगाते हुए पुल का निर्माण करने की मांग की है वर्षों पूर्व जब हाईवे मार्ग नहीं था। तबसे लेकर अब तक वर्धा नदी पर बना वर्धा ज़िला और अमरावती जिला को जोड़ने वाला वर्धा-अमरावती की सीमा पर बना छोटा पुलियां पिछले कई वर्ष से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। जिसके कारण विटाला ग्रामपंचायत वासियों को विटाला से पुलगांव आने के लिए 5 किलोमीटर का फेरा लगाकर हाईवे पर बने पुल से आना पड़ता है।
जो पैदल चलने वाले विटाला ग्रामवासियों के लिए काफी दुखदाई बना हुआ है। मजबूरी में इन ग्रामवासियों को, शाला में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और बीमारी से पीड़ित मरीजों को अपनी जान हथेली पर लेकर यहां से आवागमन कर पुलगांव पहुंचना पड़ता है। इसी रोड पर संत भिकाराम महाराज का देवस्थान है। जहां पर दिन रात आने वाले भक्तों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है।
छोटा पुल होने के कारण चार पहियां वाहन से नही जा सकते है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले विधायक के लिए चुनाव लड़ रहे भारतीय जनता पार्टी के कर्तव्य पारायण उम्मीदवार राजेश बकाने ने पुलगांव में एक जनसभा को संबोंधित करते हुए कहा था कि चुनाव जीतने के पश्चात मेरे द्वारा किए जाने वाले प्रथम तीन काम में से वर्धा नदी पर बने इस जर्जर पुलियां का नूतनीकरण का कार्य प्राथमिकता से करूंगा दोनों वर्धा जिले के लोगों को हो रही असुविधा को दूर करने का अपना कर्तव्य पूर्ण करूंगा।
पिछले सालभर पहिले विधायक बकाने द्वारा सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से चर्चा कर इस पुल के नूतनीकरण के लिए 40 करोड़ की राशि मंजूर भी कराई गई। जिस पर लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अरुण मुक्तिलवार ने राशि मंजूर होने की सहमती भी दी। किंतु लगभग 1 वर्ष का कालावधि बितने के बाद भी अब तक जर्जर पुल अपनी दुर्व्यवस्था पर आंसू बहा रहा है।
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वर्तमान में आज की स्थिति में नदी का पाट पूरी तरह सुख चुका है। यदि पुल का कार्य अब भी शुरू किया गया तो निश्चित ही वर्षा ऋतु तक नूतनीकरण होकर लोगों हेतु मार्ग खुल सकता है और जनता को राहत मिल सकती है। लोकनिर्माण विभाग द्वारा पुल के दोंनों ओर दीवार बनाकर सिर्फ दोपहिया वाहन ही आवागमन करते हैं। लेकिन मरीजों को या किसी भी परिस्थिति में चार पाहिए से पुलगांव आने-जाने के लिए पांच किलोमीटर का फेरा लगाकर आना पड़ता है। जिसमे रोड की हालत बहुत ही खराब आहे है। आशा है कि जनता से किए वादे पर विधायक बकाने खरे उतरेंगे और पुल को दयनीय अवस्था से जल्द छुटकारा मिलेगा।