वर्धा: उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच ने 93% मामलों का किया निपटारा, 90 प्रतिशत फैसले उपभोक्ताओं के पक्ष में रहे
Wardha Customer Justice System: वर्धा जिला उपभोक्ता मंच ने मार्च 2026 तक 93% शिकायतों का निपटारा कर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। कुल 4,760 मामलों में से 4,427 का समाधान कर न्याय सुनिश्चित किया गया।
- Written By: रूपम सिंह
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स-सोशल मीडिया)
District Consumer Disputes Redressal Commission Wardha News: वर्धा में आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में समय और पैसे की बचत हर व्यक्ति की प्राथमिकता बन गई है। लेकिन कई बार लोगों की इसी जरूरत का फायदा उठाकर उनके साथ ठगी के मामले भी सामने आते हैं। ऐसे मामलों में न्याय दिलाने का काम जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच कर रहा है, जिसकी कार्यप्रणाली काफी प्रभावी साबित हो रही है।
मार्च 2026 तक वर्धा जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण मंच में कुल 4,760 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 4,427 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा कियागया है, जो लगभग 93 प्रतिशत है। खास बात यह है कि करीब 90 प्रतिशत मामलों में फैसला शिकायतकर्ताओं के पक्ष में आया, जिससे उन्हें संतोष मिला है।
मंच की अधिकार सीमा के अनुसार 20 लाख रुपये तक के मामलों की सुनवाई जिला स्तर पर की जाती है। वहीं 20 लाख से 1 करोड़ रुपये तक के मामले राज्य आयोग और 1 करोड़ से अधिक के मामले राष्ट्रीय आयोग के अंतर्गत आते हैं। वर्धा जिला मंच को न्यायालय का दर्जा प्राप्त है और यहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर निष्पक्ष निर्णय दिए जाते हैं। वर्तमान में मंच की अध्यक्ष वैशाली गजभिये हैं, जबकि अनिल तोष्णीवाल और संजय मसंद सदस्य के रूप में कार्यरत हैं।
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मंच की स्थापना से लेकर मार्च 2026 तक कुल मामलों में से अधिकांश का निपटारा कर लिया गया है और शेष मामलों को भी जल्द सुलझाने के प्रयास जारी हैं। मंच का लक्ष्य तीन महीने के भीतर मामलों का निपटारा करना है, जिससे उपभोक्ताओं को समय पर न्याय मिल सके। मंच में बैंकिंग, रेलवे, बीमा, टेलीकॉम, डाक, बिल्डर्स, हाउसिंग सोसायटी, बिजली वितरण, घरेलू सामान की खरीद और शिक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई होती है। इन सभी मामलों में उपभोक्ता हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
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निर्धारित समय में 1,919 मामलों को सुलझाया गया
जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 के बीच 119 मामले दर्ज हुए, जिनमें से 98 का निपटारा किया गया। वहीं जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक 30 मामले दर्ज हुए और 27 मामलों का समाधान किया गया। उल्लेखनीय है कि मार्च 2026 तक कुल 1,919 मामलों का निपटारा निर्धारित समयसीमा के भीतर किया गया है।
