97 प्रतिशत गांवों तक पहुंच रही ‘लालपरी’, ग्रामीण क्षेत्रों में 1602 शहरी क्षेत्रों में 221 फेरियां
MSRTC Wardha Bus Service: वर्धा जिले के 97% गांवों तक राज्य परिवहन की ‘लालपरी’ बस सेवा पहुंची। ग्रामीणों, महिलाओं व विद्यार्थियों को मिल रहा सुरक्षित और भरोसेमंद सफर है।
- Written By: आंचल लोखंडे
97 प्रतिशत गांवों तक पहुंच रही है रा.प.म. की ‘लालपरी’ (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Wardha Public Transport News: राज्य परिवहन महामंडल (रा.प.म.) सुरक्षित यात्रा की गारंटी देता है। इसी भरोसे के कारण अनेक नागरिक नियोजित स्थानों तक जाने के लिए बस सेवा को प्राथमिकता देते हैं। वर्तमान में राज्य परिवहन महामंडल जिले के पांच डिपो से प्रतिदिन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 1,602 तथा शहरी क्षेत्रों के लिए 221 बस सेवाओं का संचालन कर रहा है।
रा.प.म. की प्रभावी योजना के चलते फिलहाल जिले के 97 प्रतिशत गांवों तक बस सेवा पहुंच रही है। परिणामस्वरूप अवैध यात्री वाहतूक पर काफी हद तक अंकुश लगा है। वर्धा जिला 6,310 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैला है, जिसमें 1,387 गांव और 10 शहर (वर्धा सहित) शामिल हैं। हाल ही में वर्धा विभाग को कुछ नई बसें प्राप्त हुई हैं। नई और पुरानी मिलाकर कुल लगभग 213 बसों के माध्यम से वर्धा, पुलगांव, आर्वी, हिंगनघाट और तलेगांव शापं इन पांच डिपो से प्रतिदिन बस सेवाओं का संचालन किया जा रहा है।
किराए में छूट
महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और विद्यार्थियों को रा.प.म. की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत किराए में छूट दी जाती है। इसी कारण अब महिलाएं और बुजुर्ग भी रा.प.म. की सेवाओं को प्राथमिकता दे रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
वर्धा में भारी बारिश ने बिगाड़ी सड़क-पुलों की हालत, 35 सड़कें टूटीं, 50 किमी डामर उखड़ा
पालकमंत्री भोयर ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा, आयुष्मान कार्ड और अस्पताल सुविधाओं पर फोकस
Wardha News: वर्धा में नए टैक्स निर्धारण पर बढ़ा असंतोष, 7 हजार संपत्तिधारकों ने जताई आपत्ति
Operation Washout से अवैध शराब कारोबार पर वर्धा पुलिस का शिकंजा, 162 मामले दर्ज, ₹1.40 करोड़ का माल जब्त
ये भी पढ़े: अमलनेर में 89 हजार से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान, डुप्लीकेट वोटरों पर होगी सख्त कार्रवाई
महिलाओं और विद्यार्थियों का बढ़ता विश्वास
राज्य परिवहन महामंडल सुरक्षित और भरोसेमंद यात्रा प्रदान करता है। रा.प.म. के वर्धा विभाग की यात्री सेवा का प्रतिदिन 35,324 से अधिक महिलाएं लाभ उठा रही हैं। वहीं 26,165 से अधिक विद्यार्थी शिक्षा के उद्देश्य से गांव और शहर के बीच आने-जाने के लिए बस सेवा का उपयोग कर रहे हैं।
