वर्धा ने IKS ज्ञान महोत्सव के साथ रचा इतिहास, एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज
Wardha News: वर्धा ने IKS ज्ञान महोत्सव से रचा इतिहास, 1500 छात्रों ने 635 मॉडल पेश किए। आयोजन एशिया व इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज, 8000 से अधिक लोग साक्षी बने।
- Written By: आकाश मसने
कार्यक्रम में छात्र को सम्मानित करते अतिथि (फोटो नवभारत)
Wardha Gyan Mahotsav: वर्धा ने IKS ज्ञान महोत्सव (Indian Knowledge Systems Gyan Mahotsav) का सफल आयोजन कर इतिहास रच दिया है, जिसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि जिला शिक्षा प्रशिक्षण संस्था (डायट) वर्धा, शिक्षा विभाग, और विद्याभारती के सहयोग से सनशाइन सेल फाउंडेशन और सेल अकादमी वर्धा द्वारा आयोजित की गई। डॉ. पल्लवी पाटोदकर बोदिले के नेतृत्व में, इस महोत्सव ने वर्धा का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
इस दो दिवसीय महोत्सव (13 और 14 सितंबर 2025) में 1500 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए 635 अद्वितीय मॉडल प्रस्तुत किए। इन मॉडलों को देखने के लिए 8000 से अधिक लोग आए, जिससे यह आयोजन जनभागीदारी का एक शानदार उदाहरण बन गया।
विद्यार्थियों के मॉडलों को 10 विभिन्न श्रेणियों में प्रदर्शित किया गया, जिनमें वैदिक गणित, आयुर्वेद, खगोलशास्त्र, प्राचीन कृषि, जल संरक्षण, धातु कर्म, संगीत, वास्तुकला, भाषा, और दैनिक जीवन की नवकल्पनाएं शामिल थीं।
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इस ज्ञान महोत्सव की एक अनूठी विशेषता यह थी कि हर प्रतिभागी को विश्व रिकॉर्ड प्रमाणपत्र और पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा, सभी विद्यार्थियों के नाम एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थायी रूप से दर्ज किए गए, जिससे उनके प्रयासों को एक अविस्मरणीय पहचान मिली।
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राष्ट्रीय स्तर पर वर्धा का गौरव
इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के परीक्षक मनोज तत्ववादी ने इस आयोजन को रिकॉर्ड में दर्ज करने की घोषणा की। यह महोत्सव न केवल विद्यार्थियों की सृजनशीलता और नवाचार को प्रोत्साहित करने में सफल रहा, बल्कि इसने वर्धा जिले की प्रतिष्ठा को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई ऊँचाई भी दी है।
इस सफल आयोजन में लायंस क्लब वर्धा, लिनेस क्लब वर्धा, स्काउट गाइड स्टूडेंट देवली, आरबीआई, पुलिस थाना सेवाग्राम, साइबर सेल एंटी-नारकोटिक्स, यातायात शाखा, और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। यह महोत्सव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक स्तंभ बन गया है।
