IKS ज्ञान महोत्सव से वर्धा की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंज, एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में मिली जगह

Wardha News: वर्धा जिले के सेवाग्राम में IKS ज्ञान महोत्सव में छात्रों ने 707 प्रोजेक्ट्स पेश किए। इनमें से 635 प्रोजेक्ट्स को एशिया और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में मान्यता मिली।
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(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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Wardha News In Hindi: भारतीय ज्ञान परंपरा के पुनरुत्थान की दिशा में एक अनूठा प्रयास करते हुए वर्धा जिले ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। सेवाग्राम स्थित चरखाघर में आयोजित IKS ज्ञान महोत्सव रिकॉर्ड उपक्रम के अंतर्गत कुल 635 मॉडलों को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थान प्राप्त हुआ है।

इस दो दिवसीय महोत्सव का आयोजन जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान (डायट), शिक्षा विभाग, सनशाइन सेल फाउंडेशन, सेल अकादमी और विद्याभारती के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के 1500 से अधिक छात्रों ने भाग लेकर भारतीय ज्ञान प्रणाली पर आधारित कुल 707 प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए, जिनमें से 635 प्रोजेक्ट्स को विश्व रिकॉर्ड की मान्यता प्राप्त हुई।

इन विषयों पर प्रस्तुत किए प्रोजेक्ट

इस महोत्सव में छात्रों ने वैदिक गणित, आयुर्वेद, खगोलशास्त्र, जल संरक्षण, धातुकर्म, वास्तुशास्त्र, संगीत और नृत्य, प्राचीन कृषि प्रणाली, आयुर्वेद और रसशास्त्र, समय गणना आदि विषयों पर आधारित प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए। प्राचीन साधनों के आधुनिक उपयोग और दैनिक जीवन से जुड़ी नवाचारी कल्पनाओं ने दर्शकों का विशेष ध्यान खींचा।

महोत्सव को देखने के लिए 8000 से अधिक नागरिकों ने उपस्थित होकर छात्रों की रचनात्मकता, शोध दृष्टिकोण और प्रस्तुति कौशल की सराहना की। इंडिया व एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स के एडज्यूकेटर शमनोज तत्वदी ने स्वयं प्रोजेक्ट्स की जांच कर आधिकारिक घोषणा की।

प्रमाणपत्र से सम्मानित हुए प्रतिभागी छात्र

सभी प्रतिभागी छात्रों को वर्ल्ड रिकॉर्ड प्रमाणपत्र और मेडल्स प्रदान किए गए। खास बात यह रही कि सभी छात्रों के नाम इंडिया और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में स्थायी रूप से दर्ज किए गए, जो उनके लिए एक अविस्मरणीय उपलब्धि है।

इस सफल आयोजन के लिए वर्धा जिले के पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर, जिलाधिकारी वान्मथी सी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पराग सोमण, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी जयश्री घारफलकर, प्राथमिक शिक्षा अधिकारी महेंद्र गजभिये और डायट व अन्य शिक्षकों का मार्गदर्शन और सहयोग सराहनीय रहा। इसके साथ ही सनशाइन सेल फाउंडेशन की संचालिका पल्लवी पाटोदकर बोदिले और सुरज बोदिले ने इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष मेहनत की।

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