
बाघ मृत मिला (सौजन्य-नवभारत)
Tiger death in Wardha: हिंगनघाट तहसील क्षेत्र के सावली वाघ सर्कल अंतर्गत सेलू मुरपाड और काजलसरा गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर वैजापूर स्थित कैनल में बुधवार, 31 दिसंबर की सुबह एक 3 वर्षीय बाघ मृत अवस्था में मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से तेजी से फैल गई, जिसके बाद मृत बाघ को देखने के लिए घटनास्थल पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई।
सेलू और काजळसरा परिसर में सिंचाई की सुविधा होने के कारण अधिकांश किसानों ने अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों में तारों की बाड़ लगाई है। इस क्षेत्र में जंगली सुअर और अन्य वन्य पशुओं का प्रकोप बढ़ने से कुछ किसानों द्वारा रात के समय इन तारों में विद्युत करंट छोड़े जाने की बात सामने आई है।
सुबह होते ही यह करंट बंद कर दिया जाता है और इसके बाद किसान खेती के काम में लग जाते हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि फिमेल बाघ रात के समय इसी इलाके में भटक आया और संभवतः विद्युत करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। सबूत मिटाने के उद्देश्य से पानी में फेंका आशंका यह भी जताई जा रही है।
वन विभाग के सूत्रों ने बताया कि बाघ की मौत के कारणों की सख्ती से जांच की जाएगी और यदि कोई दोषी पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वर्ष 2025 के अंतिम दिन हुई इस बाघ की मौत की घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घटना को छिपाने के उद्देश्य से बाघ के शव को वैजापुर नाले में पानी में फेंक दिया गया।
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बुधवार सुबह जैसे ही यह खबर फैली, वैसे ही वन विभाग के जिला वनसंरक्षक, तहसील वनसंरक्षक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर दलबल के साथ पहुंचे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नाले से बाघ का शव बाहर निकाला गया और शवविच्छेदन की प्रक्रिया शुरू की गई।
वन विभाग द्वारा आसपास के इलाके में गहन जांच की जा रही है कि यह बाघ कहां से आया था और उसकी मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या है। इस मामले में राजस्व प्रशासन के उपविभागीय अधिकारी आकाश अवतारे भी वन विभाग के अधिकारियों के संपर्क में हैं। तीन सदस्यीय पशुवैद्यकीय अधिकारी की टीम ने पोस्टमार्टम किया।






