चंद्रपुर में बाघ का 'खूनी तांडव', सिर्फ 45 मिनट में दो मजदूरों का शिकार, ताड़ोबा बफर जोन में दहशत!

Chandrapur Tiger Attack: चंद्रपुर के ताड़ोबा बफर जोन में बाघ के हमले में 2 मजदूरों की मौत। 45 मिनट के अंतराल में हुई दो घटनाएं। मध्य प्रदेश के रहने वाले थे मृतक।
Chandrapur Tiger Attack: चंद्रपुर के ताड़ोबा बफर जोन में बाघ के हमले में 2 मजदूरों की मौत। 45 मिनट के अंतराल में हुई दो घटनाएं। मध्य प्रदेश के रहने वाले थे मृतक।
बाघ के हमले में मौत (सौजन्य-नवभारत)
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Human-Wildlife Conflict: चंद्रपुर में बांस कटाई का काम करते समय दो अलग-अलग स्थानों पर मात्र पौन घंटे के अंतर से बाघ के हमले में दो मजदूरों की मौत हो गई। यह घटनाएं शनिवार (दिनांक 27) को ताड़ोबा के बफर क्षेत्र के मामला और महादवाड़ी परिसर में हुईं। एक ही दिन में बाघ के हमले में 2 मजदूरों की मौत से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

मृत मजदूरों के नाम प्रेमसिंह दुखी उडे (उम्र 55, निवासी बालाघाट) और बुदसिंह श्यामलाल मडावी (उम्र 41, निवासी मुंडला, बालाघाट) हैं। ताड़ोबा के बफर क्षेत्र में बांस कटाई का कार्य चल रहा है। स्थानीय मजदूर उपलब्ध न होने के कारण वन विभाग ने बालाघाट से मजदूरों को काम पर बुलाया था। कुछ मजदूर महादवाड़ी बीट में तो कुछ मामला बीट में बांस कटाई का कार्य कर रहे थे।

मौके पर मजदूरों की मौत

मामला बीट के कक्ष क्रमांक 381 में दोपहर करीब 3.45 बजे बांस कटाई में लगे बुदसिंह श्यामलाल मडावी पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।  वन विभाग की टीम जब वहां पहुंची, तो पौन घंटे के अंतराल में कुछ ही दूरी पर स्थित महादवाड़ी बीट अंतर्गत बफर जोन के कक्ष क्रमांक 357 में दोपहर 4.30 बजे के आसपास प्रेमसिंह दुखी उड़े पर भी बाघ ने हमला कर उसे मौके पर ही मार डाला। पास में मौजूद मजदूरों द्वारा शोर मचाने पर बाघ घटनास्थल से भाग निकला। घटना की जानकारी मिलते ही वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रियंका वेलमे अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचीं और पंचनामा किया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मूल उपजिला अस्पताल भेज दिया गया है।

अब तक 47 की मौत

-मानव वन्यजीव संघर्ष में इस साल अब तक 47 लोग अपनी जान गंवा चुके है। -इसमें 42 लोगों की मौत बाघ के हमले, 3 की मौत तेंदूए के हमले में, और 1-1 की हाथी, भालू के हमले में मौत हुई है।

31 मजदूरों ने झेला खौफनाक अनुभव

-वन विभाग द्वारा वर्तमान में बांस कटाई का कार्य शुरू किया गया है। मध्यप्रदेश से सैकड़ों मजदूर यहां काम के लिए आए हैं।

-इनमें से 31 मजदूर चिचपल्ली वन क्षेत्र में ठहरे हुए थे, जिन्हें बाघों के लिए बनाए गए वॉटर होल के पास ही एक टेंट लगाकर ठहराया गया था।

-शनिवार रात बाघ ने उस टेंट की ओर रुख किया। हालांकि मजदूरों ने समय रहते अलाव जलाकर शोर मचाया, जिससे बड़ा अनर्थ टल गया।

-इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय समाजसेवक बंडू धोतरे ने वन विभाग को कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद संबंधित मजदूरों को वहां से हटाकर किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

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