वर्धा जिला अधिकारी कार्यालय (सौजन्य-नवभारत)
Collectorate Vacancy 2026: वर्तमान में जिलाधिकारी कार्यालय के विभिन्न दफ्तरों में बड़ी संख्या में रिक्त पद पड़े हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार अ, ब, क और ड वर्ग के कुल 143 पद खाली हैं। इन रिक्तियों के कारण एक कर्मचारी को दो से तीन टेबल की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। परिणामस्वरूप जिलाधिकारी कार्यालय का कामकाज प्रभावित हो गया है और कई फाइलें प्रलंबित हैं।
समय पर काम न होने के कारण आमजन में भी असंतोष फैल रहा है। जिलाधिकारी कार्यालय की इमारत में राजस्व विभाग, खनिकर्म विभाग, नाजिर विभाग, चुनाव विभाग, आस्थापना विभाग सहित विभिन्न विभागों के दफ्तर हैं। इसके अलावा निवासी उपजिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी और वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तर भी यहां हैं।
हर दिन सैकड़ों लोग अपनी शिकायतें लेकर आते हैं, लेकिन कई बार अधिकारी या कर्मचारी टेबल पर मौजूद नहीं होते या किसी अन्य कार्य में व्यस्त रहते हैं। ऐसे में लोगों को निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों से आए गरीब किसान और नागरिकों को बार-बार जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं।
पाइंटर
कुल मंजूर पद : 810
कुल कार्यरत : 667
कुल रिक्त पद : 143
जिलाधिकारी कार्यालय में गुट अ में उपजिलाधिकारी के 12 पद मंजूर हैं, जिनमें से 11 भरे गए और 1 पद रिक्त है। तहसीलदार के 13 पद पूर्ण रूप से भरे हुए हैं। गुट ब में नायब तहसीलदार के 42 पद मंजूर हैं, जिनमें से 35 भरे गए और 7 पद रिक्त हैं। सहायक राजस्व अधिकारी के 94 पद मंजूर हैं और सभी भरे हुए हैं। गुट क में मंडल अधिकारी के 59 पद भरे हुए हैं।
राजस्व सहायक के 155 पदों में से 96 कार्यरत हैं, जबकि 59 पद रिक्त हैं। ग्राम राजस्व अधिकारी के 341 पदों में से 289 भरे गए और 52 पद खाली हैं। गुट ड में वाहन चालक के 15 पदों में से 8 भरे गए और 7 पद रिक्त हैं। सिपाही के कुल 79 पदों में से 62 कार्यरत हैं और 17 रिक्त हैं। चारों घटकों में कुल 810 पद मंजूर हैं, जिनमें से 667 भरे हुए हैं और 143 पद रिक्त हैं।
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जिलाधिकारी कार्यालय में राजस्व विभाग का संपूर्ण लेखा-जोखा संभालना राजस्व सहायक का कार्य है। 155 मंजूर पदों में से 96 भरे होने के कारण 59 पद रिक्त हैं। इससे एक कर्मचारी पर दो टेबल की जिम्मेदारी आ रही है और कर्मचारियों पर अतिरिक्त काम का दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति के सुधार के लिए तत्काल भर्तियों की आवश्यकता है, ताकि कर्मचारियों पर अतिरिक्त बोझ कम हो और आमजन को समय पर सेवाएं मिल सकें।