नासिक में अनुदानित 12 साल बाद आश्रमशाला कर्मचारियों को एनपीएस का लाभ, संघर्ष हुआ सफल
Nashik Tribal Ashram School Employees NPS: नासिक में अनुदानित आश्रमशालाओं के कर्मचारियों के लिए NPS लागू करने के प्रस्ताव को PFRDA ने मंजूरी दे दी है, जिससे 12 वर्षों से लंबित पेंशन का रास्ता साफ।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik PFRDA Approval Pension Scheme( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik PFRDA Approval Pension Scheme: नासिक आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत अनुदानित आश्रमशालाओं के कर्मचारियों के लिए ‘राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली’ (एनपीएस) लागू करने के प्रस्ताव को भारत सरकार के पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए), नई दिल्ली ने 17 मार्च 2026 को आदेश जारी कर मंजूरी दे दी है। इस ऐतिहासिक निर्णय से पिछले 12 वर्षों से पेंशन योजना से वंचित हजारों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।
12 साल का लंबा संघर्ष और तकनीकी बाधाएं
महाराष्ट्र सरकार के अन्य विभागों में वर्ष 2013-14 से ही राष्ट्रीय पेंशन योजना लागू कर दी गई थी, लेकिन अनुदानित आश्रमशालाओं के कर्मचारी इससे अछूते थे। अब तक ये कर्मचारी पुरानी और जटिल डीसीपीएस योजना के दायरे में थे।
इसमें शासन और संस्था स्तर पर हिसाब-किताब में भारी विसंगतियां थीं, जिसके कारण कर्मचारियों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ था। नई व्यवस्था लागू होने से अब कर्मचारियों का अंशदान नियमित रूप से जमा होगा और उन्हें सेवानिवृत्ति के बाद एक निश्चित फंड और पेंशन का लाभ मिल सकेगा।
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लीना बनसोड की महत्वपूर्ण भूमिका इस जटिल मुद्दे को सुलझाने में आदिवासी विकास आयुक्त लीना बनसोड के प्रयासों की सराहना की जा रही है। उन्होंने सह-आयुक्त कपिल पवार के सहयोग से बिखरे हुए डेटा को व्यवस्थित किया और राज्य व केंद्र सरकार को एक मजबूत प्रस्ताव भेजा। आयुक्त द्वारा किए गए लगातार ‘फॉलो-अप’ का ही परिणाम है कि केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी।
कर्मचारी संगठन में हर्ष का माहौल
आदिवासी विकास विभाग कर्मचारी संगठन पिछले पांच वर्षों से इस मांग को लेकर संघर्षरत था।
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निर्णय के बाद संगठन के संस्थापक अध्यक्ष विक्रम गायकवाड ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक आदेश नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की भविष्य की सुरक्षा है।
हम आयुक्त लीना बनसोड के प्रति विशेष आभार व्यक्त करते हैं जिनके मार्गदर्शन में वह ऐतिहासिक कार्य संपन्न हुआ।
