खाड़ी युद्ध असर: गैस संकट के बीच नासिक में फिर शुरू हो सकता है केरोसिन वितरण, आपूर्ति विभाग ने मांगी रिपोर्ट
Maharashtra Kerosene Distribution Plan: खाड़ी देशों में युद्ध के कारण ईंधन आयात प्रभावित होने से नासिक में LPG की किल्लत बढ़ गई है। इससे निपटने के लिए राज्य सरकार ने केरोसिन वितरण की तैयारी शुरू की है
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik LPG Shortage ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik LPG Shortage: नासिक खाड़ी देशों में जारी युद्ध के कारण ईंधन आयात पर गहरा असर पड़ा है। इसके चलते रसोई गैस (एलपीजी) की किल्लत पैदा हो गई है। इस स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने वैकल्पिक ईंधन के रूप में एक बार फिर मिट्टी का तेल (केरोसीन) वितरित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
इसी संदर्भ में राज्य सरकार ने जिला आपूर्ति विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आपूर्ति विभाग की बढ़ी सक्रियता : खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल द्वारा केरोसिन वितरण के संबंध में सरकारी निर्णय की जानकारी दिए जाने के बाद, जिलाधिकारी कार्यालय के आपूर्ति विभाग ने अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है।
वर्तमान में जिले में केरोसिन विक्रेताओं का नेटवर्क काफी हद तक निष्क्रिय हो चुका है। अधिकांश लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं ने पिछले कुछ समय से अपने परमिट अपडेट नहीं किए हैं। विभाग अब इस डेटा को एकत्रित कर सूची को अद्यतन कर रहा है।
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क्यों पड़ी केरोसीन की जरूरत ?
पिछले कुछ वर्षों में ‘उज्ज्वला योजना’ और एलपीजी के विस्तार के कारण केरोसीन का उपयोग लगभग बंद हो गया था। लेकिन वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने सरकार को मजबूर किया है कि यदि गैस की किल्लत बढ़ती है, तो आम जनता के पास खाना पकाने का विकल्प मौजूद रहे।
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ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में इंधन की कमी न हो, इसके लिए केरोसीन को ‘बैकअप’ के तौर पर रखा जा रहा है। प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि वितरण प्रणाली को डिजिटल तरीके से कैसे सुचारू बनाया जाए ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके।
जिले में विक्रेताओं का आंकडा
प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी रमेश गायकवाड़ के अनुसार, जिले में केरोसीन वितरण के लिए एक बड़ा ढांचा पहले से मौजूद है-
थोक विक्रेता 127, मध्यम थोक विक्रेता: 54।
खुदरा विक्रेता : 3,600, कुल विक्रेता संख्या: 3,781।
