आसान नहीं ईरान के खिलाफ जंग...अमेरिकी जनरल का खुलासा, बोले- रातों-रात नहीं बना तेहरान पर हमले का प्लान

Israel-Iran War: अमेरिका ने ईरान ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण माना, जिसमें जनरल डैन ने कहा कि यह रातों-रात नहीं होगा, नुकसान की उम्मीद है, लेकिन मिशन पूरा करने के लिए पूरी तैयारी है।
US Iran War Operation Epic Fury
जनरल डैनियल केन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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US Iran War Operation Epic Fury: अमेरिका ने पहली बार स्वीकार किया है कि ईरान के खिलाफ ऑपरेशन उसके लिए एक मुश्किल काम हो सकता है। अमेरिकी सेना के जॉइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैनियल केन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह ऑपरेशन रातों-रात नहीं होने वाला है और इसे पूरा करने में समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मामलों में यह कठिन हो सकता है, लेकिन अमेरिका पूरी तरह से अपने मिशन को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। 

जनरल डैन के अनुसार, अमेरिका को ईरान के खिलाफ संभावित नुकसान की उम्मीद है, और वे इसे कम करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। ईरान में हुए हालिया संघर्ष में, कुवैत में अमेरिकी बेस पर ईरान के हमले में छह अमेरिकी जवान मारे गए थे। इसके बाद, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेना ने ईरान पर हमला किया।

ईरान का अमेरिकी ठिकानों पर हमला

इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। ईरान ने इसके जवाब में मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो ईरान ने एक साथ 14  खाड़ी देशों पर हमले किए हैं। इसमें सऊदी अरब, यूएई, कतर और बहरीन जैसे देश शामिल हैं।

खुद की रक्षा करना अमेरिका मदसद

जनरल डैन ने अमेरिका के मिलिट्री मिशन के बारे में बताते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य खुद की रक्षा करना और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान को अपनी सीमाओं से बाहर ताकत दिखाने से रोकना है। उन्होंने कहा कि यह अभियान महीनों और कभी-कभी सालों की योजना का परिणाम था, जिसमें सटीक हमले, इंटेलिजेंस, टारगेट इंटीग्रेशन और तालमेल के साथ अमेरिका की पहुंच और तैयारी को प्रदर्शित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इस काम की शुरुआत हो चुकी है और यह जारी रहेगा।

क्या है ऑपरेशन एपिक फ्यूरी?

28 फरवरी को अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के तहत ईरान पर हमला शुरू किया। सुबह 9.45 बजे, अमेरिका ने एक साथ 100 से ज्यादा एयरक्राफ्ट लॉन्च किए। सबसे पहले, समुद्र से टॉमहॉक्स मिसाइलें दागी गईं, जो ईरान के दक्षिणी हिस्से में मौजूद ईरानी नेवी पर हमला कर रही थीं। पहले 24 घंटों में 1000 से ज्यादा टारगेट पर हमले किए गए। इस ऑपरेशन के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पुष्टि की कि सुप्रीम लीडर अली खामेनेई मारे गए थे, जिसे ईरान के सरकारी मीडिया ने भी सत्यापित किया।

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