974 टीचर्स को 3 महीने से नहीं मिली सैलरी, शिक्षक समिति ने दी आंदोलन की चेतावनी

Government Teachers warned of agitation : नागपुर जिले के कई भागों में शिक्षकों ने राज्य के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री को आंदोलन करने की चेतावनी दे दी है। शिक्षकों ने वेतन न मिलने से आक्रोश जताया।
Government Teachers warned of agitation : नागपुर जिले के कई भागों में शिक्षकों ने राज्य के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री को आंदोलन करने की चेतावनी दे दी है। शिक्षकों ने वेतन न मिलने से आक्रोश जताया।
टीचर्स ने आंदोलन की दी चेतावनी (एआई जनरेटेड फोटो)
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Teachers warned of agitation : नागपुर जिले में महानगरपालिका के विद्यालयों में तीन महीने से 900 से अधिक शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है। इस मुद्दे को लेकर शिक्षक संघ आक्रोश में है। नागपुर विभाग के महानगरपालिका और नगरपालिकाओं के अधीन प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत कुल 974 शिक्षकों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है।

शिक्षकों ने वेतन न मिलने पर प्रशासन को चेतावनी दी है। इस मुद्दे को लेकर महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति के राज्याध्यक्ष विजय कोंबे ने 17 जुलाई को चेतावनी दी कि यदि वेतन का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया, तो समिति आंदोलन के रास्ते पर जाएगी।

जिले के कई भागों में शिक्षकों को नहीं मिला वेतन

वेतन से वंचित शिक्षकों में नागपुर महानगरपालिका के 358 शिक्षक, चंद्रपुर महानगरपालिका के 55 शिक्षक, कामठी छावनी कटका मंडल के 7 शिक्षक, नागपुर जिले के 284 शिक्षक, गोंदिया जिले के 48 शिक्षक, वर्धा जिले के 83 शिक्षक, भंडारा के 34 शिक्षक, चंद्रपुर जिले के 36 शिक्षक, गड़चिरोली के 69 शिक्षकों का समावेश है़ महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति ने 19 जून को राज्य के स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, शिक्षा आयुक्त, प्राथमिक विभाग के संचालक और नागपुर के विभागीय शिक्षा उपसंचालक को पत्र भेजकर वेतन न मिलने की शिकायत की थी।

स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

इसके बाद 21 जून को वर्धा में राज्य के स्कूल शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर को भी ज्ञापन सौंपा गया था, जिसमें उन्होंने त्वरित वेतन भुगतान के निर्देश दिए थे। हालांकि शिक्षकों का वेतन भुगतान अब तक नहीं हुआ है और जुलाई महीना समाप्त होने को है। न केवल अप्रैल और मई, बल्कि जून माह का वेतन भी अब तक अटका हुआ है। विजय कोंबे ने कहा कि यह स्थिति प्रशासन की लापरवाही और असंवेदनशीलता को दर्शाती है। बिना किसी गलती के शिक्षकों को तीन महीने तक वेतन न देना और वेतन से वंचित रखना क्रूर मज़ाक है।

प्रशासन कर रहा अनदेखी

महाराष्ट्र राज्य प्राथमिक शिक्षक समिति राज्याध्यक्ष विजय कोंबे ने कहा, "शिक्षकों की समस्याओं पर प्रशासनिक यंत्रणा कोई ध्यान नहीं दे रहा है, जो कि अमानवीय है। यदि वेतन का भुगतान शीघ्र नहीं किया गया, तो शिक्षक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। समिति ने 17 जुलाई को एक और पत्र भेजकर अंतिम चेतावनी दी है।"

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