
वर्धा न्यूज
Wardha News: वर्धा नगरपालिका के आम चुनावों को लेकर इन सर्द दिनों में भी राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। अंतिम प्रभाग (वार्ड) रचना के अनुसार वर्धा नगरपालिका क्षेत्र में कुल 20 प्रभाग हैं, जिनसे 40 नगरसेवक 88,013 मतदाताओं द्वारा प्रत्यक्ष मतदान से चुने जाएंगे। दिलचस्प बात यह है कि इस बार महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से अधिक है। वहीं, संभावित उम्मीदवारों ने मतदाताओं से मुलाकातें कर जनसंपर्क बढ़ाने पर जोर देना शुरू कर दिया है।
जिले में कुल 6 नगरपालिकाएं और 4 नगर पंचायतें हैं। चुनाव आयोग द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार जिले की 6 नगरपालिकाओं के चुनाव होने जा रहे हैं। चूंकि वर्धा जिला मुख्यालय है, इसलिए वर्धा नगरपालिका के चुनाव पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों ने अभी तक अपने आधिकारिक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है, लेकिन चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटे इच्छुक उम्मीदवार विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर मतदाताओं से मिल रहे हैं।
इस बार भी नगराध्यक्ष का चुनाव प्रत्यक्ष मतदान से ही होगा। मतदान 2 दिसंबर को होगा और 89 मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अंतिम मतदाता सूची के अनुसार वर्धा नगरपालिका के 20 प्रभागों में कुल 88,013 मतदाता हैं, जिनमें 43,108 पुरुष, 44,866 महिलाएं और 9 अन्य मतदाता शामिल हैं। यही मतदाता 2 दिसंबर को अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
मतदान प्रक्रिया 2 दिसंबर को संपन्न होगी। वर्धा नगरपालिका क्षेत्र के 89 मतदान केंद्रों पर कुल 88,013 मतदाता मतदान करेंगे। मतगणना 2 दिसंबर को की जाएगी, जिसके बाद यह स्पष्ट होगा कि बहुमत का जनादेश किसे मिला। मतदान के दिन प्रत्येक केंद्र पर दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर, पीने के पानी की व्यवस्था, पंडाल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी।
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उम्मीदवारी के नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के पहले तीन दिन जिले की सभी नगरपालिकाओं में एक भी नामांकन पत्र दाखिल नहीं हुआ। सभी इच्छुक नेता प्रमुख राजनीतिक दलों से टिकट मिलने की उम्मीद में हैं, इसलिए किसी ने भी फिलहाल नामांकन दाखिल नहीं किया है।
वर्तमान में भाजपा, कांग्रेस, दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) गुट और दोनों शिवसेना गुटों के साथ-साथ कुछ स्थानों पर बहुजन समाज पार्टी से टिकट पाने के लिए इच्छुकों की दौड़-धूप जारी है। यह संभावना जताई जा रही है कि जब दलों की ओर से अधिकृत उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे, तब टिकट न मिलने से असंतुष्ट कुछ नेता बगावत कर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल कर सकते हैं।






