20 साल की सेवा और 4 महीने से खाली हाथ! वर्धा जिला परिषद में वेतन न मिलने से कर्मचारियों में भारी आक्रोश
Wardha ZP Contract Workers: 4 महीने से वेतन न मिलने से ठेका कर्मचारियों का बुरा हाल। जल जीवन मिशन के कर्मी 9 फरवरी से करेंगे बेमुदत धरना आंदोलन।
- Written By: प्रिया जैस
वर्धा में कामबंद आंदोलन (सौजन्य-नवभारत)
Wardha News: स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण–2 और जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिला परिषद स्तर पर लगभग दो दशकों से कार्यरत ठेका कर्मचारियों को पिछले चार महीनों से वेतन नहीं मिला है। अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 की अवधि का वेतन लंबित रहने से कर्मचारियों और उनके परिवारों की आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
जिला और तहसील स्तर पर कार्यरत ये कर्मचारी ग्राम पंचायतों में योजनाओं के प्रत्यक्ष क्रियान्वयन, क्षेत्रीय निरीक्षण, लाभार्थी समन्वय, ऑनलाइन प्रविष्टियां, रिपोर्ट प्रस्तुतिकरण तथा जिला परिषद और पंचायत समिति स्तर पर योजना निर्माण व निगरानी की अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। चार माह से वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के घर खर्च, बच्चों की पढ़ाई और चिकित्सा खर्च पर सीधा असर पड़ा है।
चार महीने से नहीं मिला वेतन
इसके बावजूद वे लगातार सेवा दे रहे हैं। महाराष्ट्र राज्य पानी व स्वच्छता शासकीय कंत्राटी कर्मचारी कृति समिति ने बताया, ‘चार महीने से वेतन न मिलने के कारण भारी आर्थिक दबाव है, फिर भी हम सेवा कार्य जारी रखे हुए हैं।’ समिति ने स्पष्ट किया कि वेतन न मिलना केवल आर्थिक समस्या नहीं, बल्कि कर्मचारियों के दैनिक जीवन और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव डाल रहा है।
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इस गंभीर स्थिति को लेकर कृति समिति ने राज्य स्तर पर जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के प्रधान सचिव तथा जिला परिषद प्रशासन को लिखित निवेदन सौंपा है। निवेदन में बताया गया है कि वेतन लंबित रहना जिला परिषद के स्तर पर लिए गए किसी निर्णय का परिणाम नहीं, बल्कि निधि वितरण और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी के कारण हुआ है।
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कृति समिति ने दो टूक कहा है कि यह मुद्दा केवल आर्थिक नहीं, बल्कि मानवीय, प्रशासनिक और संवैधानिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। लंबे समय से सेवा दे रहे कर्मचारियों का वेतन तत्काल अदा किया जाना आवश्यक है, अन्यथा ग्रामीण जलापूर्ति और स्वच्छता योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
कामबंद आंदोलन शुरू करेंगे कर्मी
कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 4 फरवरी से राज्यभर में जिला स्तर पर कामबंद आंदोलन शुरू किया जाएगा। 9 फरवरी से राज्यस्तरीय बेमुदत धरना आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन के चलते स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत वर्ष 2026–27 का वार्षिक कार्य योजना, क्षेत्रीय निरीक्षण, रिपोर्टिंग, ऑनलाइन कार्य और दैनिक प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
