वर्धा गोरस भंडार मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, FDA की कार्रवाई अवैध घोषित
High Court Verdict: वर्धा के गोरस भंडार मामले में हाईकोर्ट ने अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) की लाइसेंस रद्द कर सील करने की कार्रवाई को अवैध करार दिया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Wardha Goras Bhandar (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Wardha Goras Bhandar: अन्न व औषधि प्रशासन द्वारा गोरस भंडार पर कार्रवाई करते हुए लाइसेंस रद्द कर सील कर दिया गया था। दुग्ध उत्पादक किसान, कर्मचारियों के आजीवीका का प्रश्न उपस्थित होने के साथ ही वर्षों से गांधी सिद्धांतों पर चल रही संस्था पर यह कार्रवाई बड़ा आघात माना जा रहा था।
जिससे कार्रवाई को लेकर रोष था। इस कार्रवाई के खिलाफ गोरस भंडार संस्था ने न्यायालय में याचिका दायर की थी। न्यायालय ने इस कार्रवाई को अवैध ठहराते हुए एफडीए को तगड़ा झटका दिया है।
सत्य की हुई जीत
गोरस भंडार अध्यक्ष निलेश पाटिल ने कहा कि गोरस भंडार के मामले में बिना सोचे समझे लाइसेंस रद्द कर दिया गया। अगर कुछ खामियां थी तो सुधार करने के संदर्भ में सूचना देनी चाहिए थी एफडीए की कार्रवाई पूर्णतः अवैध थी। इस बात को न्यायालय ने मान्य किया है। यह न्याय की जीत है। किसानों के हुए नुकसान की भरपाई के लिए लीगल एडवाइजर की राय लेकर आगे की लडाई लड़ी जाएगी
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न्यायालय के निर्णय का स्वागत
प्रगतिशील किसान बालकृष्ण माऊस्कर ने कहा कि ८ गांची मुल्यों पर चल रही यह संस्था अनेक वर्षों से स्थानीय दुग्ध उत्पादक किसान गोरस भंडार में दुध उपलब्ध कर रहे है, किंतु, अचानक से गोरस भंडार को सील कर दिया गया अन्न व औषधि प्रशासन की कार्रवाई के कारण दुग्ध उत्पादक किसानों के सामने दुध कहां बेचे यह प्रश्न उपस्थित हो गया था।
किसानों और कर्मचारियों को मिली राहत
दौरान उनका बड़े पैमाने पर आर्थिक नुकसान हुआ है। किंतु, न्यायालय ने दिए आदेश के बाद गोरस भंडार खुलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। न्यायालय ने दिया आदेश सभी दुग्ध उत्पादक किसानों का विजय है। अनेक सस्थाओं के लिए आदर्श है।
कार्रवाई तर्कसंगत नहीं थी
खाद्य पैय विक्रेता संघ अध्यक्ष मनोज मुडिया ने कहा कि गोरस भंडार पर की कार्रवाई तर्कसंगत नहीं थी। जिसका खामीयाजा दुग्ध उत्पादक किसानों व गोरस भंडार संस्था को उठाना पडा। न्यायालय ने जो निर्णय दिया है वह सही है। भविष्य में कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने न्यायालयीन निर्देशों का पालन करना चाहिए।
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न्यायालय के निर्णय से सभी में नई आशा का संचार
वर्धा जिला सर्वोदय मंडल सेवाग्राम मंत्री कन्हैया छांगाणी ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्णय ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि कानून के शासन में प्रत्येक कार्रवाई न्यायिक कसौटी पर परखी जाती है तथा न्याय की आशा कभी समाप्त नहीं होती। गोरस भंडार के पुनः प्रारंभ होने का मार्ग प्रशस्त होने से गौपालकों, किसानों, दूध उत्पादकों, कर्मचारियों तथा हजारों ग्राहकों के मन में नई आशा का संचार हुआ है।
