वर्धा के 213 गांवों पर बाढ़ का मंडराया खतरा; पिछले साल 63 हजार हेक्टेयर फसल हुई थी तबाह, यंत्रणा सज्ज

Wardha Weather: वर्धा जिले में मौसम विभाग ने 7 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है। तटीय क्षेत्र के 213 गांवों को बाढ़ का खतरा है, जिसे देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए हैं।
Wardha Crop Damage Data
बाढ़ प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
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Wardha Crop Damage Data: मौसम विभाग ने वर्धा जिले में 7 जुलाई तक येलो अलर्ट जारी किया है। आष्टी, आर्वी तहसील का कुछ हिस्सा छोड़ दिया जाए तो अब तक जिले में दमदार बारिश भले ही दर्ज नहीं की गई, परंतु आगामी दिनों में भारी वर्षा के आसार व्यक्त हो रहे हैं। वहीं गत वर्ष जुलाई माह की 17 व 18 तारीख को जिले में अत्यधिक बारिश की यादें आज भी ताजा हैं।

अतिवृष्टि व बाढ़ के चलते जिले में लगभग 66 गांव बाधित हुए थे। उस समय 1,307 परिवारों के 3,517 लोगों को सुरक्षित स्थल पर स्थानांतरित करने की नौबत आई थी। इन बातों को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष अतिवृष्टि अथवा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी यंत्रणा सज्ज रखी हुई है।

इस वर्ष अब तक जुलाई माह में जिले में 107.6 मिमी बारिश दर्ज हुई है। राज्य के कुछ जिलों में रेड अलर्ट बताया गया है। इसी तर्ज पर वर्धा जिले में 7 जुलाई तक येलो अलर्ट बताया गया है। आगामी दिनों में बारिश का जोर बढ़ने की आशंका है। बाढ़ की स्थिति से दो-दो हाथ करने के लिए जिला व तहसील स्तर पर आपदा नियंत्रण कक्ष व टीमें सज्ज रखी गई हैं।

पिछले साल भी जुलाई माह में भारी तबाही का सामना करना पड़ा था। इस वर्ष भी जून माह में बारिश नहीं हुई है, परंतु जुलाई के शुरुआती दिनों में जिले के कुछ हिस्सों में जोरदार बारिश हुई है।

अब तक वर्धा जिले के 19 मंडलों में अतिवृष्टि दर्ज हुई है। फिर एक बार जुलाई माह में भारी वर्षा के आसार व्यक्त किए जा रहे हैं। इससे पुनः एक बार बाढ़ की स्थिति पैदा होने की आशंका है। जिले से 12 प्रमुख नदियां बहती हैं। तटीय क्षेत्र के 213 गांवों को बाढ़ का खतरा बताया गया है, जबकि 27 गांव अत्यंत संवेदनशील हैं। आपदा से होने वाला नुकसान टालने के लिए इस बार प्रशासन ने यंत्रणा सज्ज रखी है।

गांवों में पैदा हुई थी भयावह स्थिति

वर्ष 2025 के जुलाई माह में 17 व 18 तारीख को हुई अतिवृष्टि से 66 गांवों में भयावह स्थिति पैदा हुई थी। इन गांवों के लगभग 1,307 परिवारों व 3,517 नागरिकों को सुरक्षित स्थल पर स्थानांतरित किया गया था। कुछ गांव तो पूर्णतः बाढ़ की चपेट में आ गए थे। जीवनोपयोगी वस्तु, अनाज व अन्य सामग्री का भारी नुकसान हुआ था।

835 किसान हुए थे बाधित

गत वर्ष जुलाई माह में दो दिन लगातार हुई अत्यधिक बारिश से जिले के 835 किसान बाधित हुए थे। इन किसानों की 63,325.1 हेक्टेयर क्षेत्र की जमीन व फसल पूर्णतः बर्बाद हुई थी।

वर्ष 2025 में आपदा स्थिति (17 व 18 जुलाई)

तहसील प्रभावित परिवार बाधित गांव प्रभावित किसान नुकसानग्रस्त जमीन (हेक्टेयर में)
वर्धा 229 14 97 15,200.0
सेलू 93 14 95 7,700.0
देवली 339 20 101 15,900.0
हिंगनघाट 590 16 188 12,000.0
समुद्रपुर 17 01 200 8,140.0
आर्वी 39 01 129 3,977.0
आष्टी 00 00 13 324.0
कारंजा 00 00 12 84.1
कुल योग 1,307 66 835 63,325.1
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