

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के लातूर से कांग्रेस सांसद डॉ. शिवाजी कालगे ने यह कहकर हलचल मचा दी है कि लोकसभा सदस्य बनने के बाद उन्हें आर्थिक पक्ष पर नुकसान हुआ है। उन्होंने आय में इस कथित कमी के लिए डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस के वास्ते पर्याप्त समय न मिल पाने को जिम्मेदार ठहराया है। कालगे ने पड़ोसी नांदेड़ जिले में विकास कार्यों के लिए राशि के आवंटन पर भी असंतोष जाहिर किया।
2024 में हुए लोकसभा चुनाव में डॉक्टर कालगे पहली बार सांसद बने थे। उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था। हालांकि, अब वह सांसद बनने के नुकसान गिना रहे हैं। उन्होंने बताया कि नई जिम्मेदारी ने उनकी कमाई पर असर डाला है। कालगे ने कहा कि वित्त वर्ष 202324 में मैंने लगभग 36 लाख रुपये आयकर के तौर पर चुकाए।
202425 में मैंने लगभग 8.75 लाख रुपये का आयकर भुगतान किया, क्योंकि मेरी आय काफी कम हो गई थी। मैं मरीजों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहा हूं और न ही पूरे समर्पण के साथ अपना अस्पताल चला पा रहा हूं। गर कोई मेरी आर्थिक स्थिति के बारे में पूछे, तो मैं कहूंगा कि सांसद बनने के बाद मुझे नुकसान ही हुआ है। उन्होंने कहा कि नांदेड़ के प्रभारी मंत्री के साथ मेरा अनुभव बिल्कुल अलग रहा है।
पिछले साल विकास कार्यों के लिए एक भी रुपया मंजूर नहीं किया गया। भाजपा के प्रभारी मंत्री की ऐसी राजनीति निंदनीय है। कालगे 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में पहली बार संसद के लिए चुने गए थे। 26 सितंबर 2024 को उन्हें ऊर्जा को लेकर बनी संसद की समिति का सदस्य बनाया गया था। इससे पहले वह आईएमए यानी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के सदस्य समेत कई पदों पर रह चुके हैं। पेशे से वह आंखों के सर्जन हैं। उन्होंने एमबीबीएस डीओएमएस डिग्री हासिल की है। तब कांग्रेस ने पूरे भारत में 99 सीटों पर जीत दर्ज की थी।