वर्धा में नकली बीजों पर कार्रवाई के बावजूद बढ़ीं अंकुरण की शिकायतें, 35 खेतों की जांच पूरी
Wardha Soybean Seed : वर्धा जिले में खरीफ सीजन के दौरान सोयाबीन बीजों के अंकुरण नहीं होने की 72 शिकायतें कृषि विभाग को मिली हैं। सबसे अधिक शिकायतें बूस्टर ब्रांड से जुड़ी हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
Soybean Seed (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Wardha Agriculture Department: खरीफ सीजन में नकली बीज और उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने जिले में नौ विशेष उड़नदस्ते गठित किए हैं। इन टीमों ने कई स्थानों पर कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित बीजों का भंडार जब्त भी किया है।
इसके बावजूद इस वर्ष जिले में सोयाबीन के अंकुरण नहीं होने की 72 शिकायतें कृषि विभाग को प्राप्त हुई हैं। इनमें सबसे अधिक शिकायतें बूस्टर ब्रांड के सोयाबीन बीज से संबंधित हैं। प्राप्त शिकायतों में से अब तक 35 खेतों का कृषि विशेषज्ञों की टीम द्वारा निरीक्षण किया जा चुका है।
वर्धा में सोयाबीन बीज नहीं उगे
जिले में किसान खरीफ मौसम में मुख्य रूप से कपास, सोयाबीन और अरहर की खेती करते हैं। सीजन शुरू होने से पहले कृषि विभाग ने बीज और उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ नकली बीज एवं उर्वरकों की बिक्री रोकने के लिए विशेष योजना बनाई थी।
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इसके तहत नौ उड़नदस्तों का गठन किया गया, जिन्होंने कई स्थानों पर छापेमारी कर प्रतिबंधित बीजों का भंडार जब्त किया, विभाग के अनुसार, ये टीमें अभी भी निगरानी पर हैं।
कृषि विभाग को मिली 72 शिकायतें
इसके बावजूद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से कुछ कंपनियों के सोयाबीन बीजों के अंकुरित नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। कृषि विभाग के अनुसार, शिकायतों में मुख्य रूप से बूस्टर, यशोदा, महाबीज, इनोवेज, अंकुर, कृषिधन और दफ्तरी कंपनियों के सोयाबीन बीज शामिल हैं,
देवली तहसील से सबसे अधिक शिकायतें हुई प्राप्त
कृषि विभाग को अब तक प्राप्त 72 शिकायतों में से 51 शिकायतें अकेले देवली तहसील से मिली है। इसके अलावा आर्वी से 9, वर्धा से 5, हिंगणघाट से 5 समुद्रपुर से और आष्टी से शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतों के निस्तारण के लिए 3 जुलाई से उपविभागीय कृषि अधिकारी की अध्यक्षता में कृषि वैज्ञानिकों की टीम द्वारा विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। विभाग के अनुसार, अब तक प्राप्त शिकायतों में से 35 मामलों की मौके पर जांच पूरी कर ली गई है।
