महाराष्ट्र में औरंगजेब की कब्र पर नहीं थम रहा बवाल! छत्रपति संभाजीनगर में आज से 8 अप्रैल तक निषेधाज्ञा लागू

Maharashtra News: औरंगजेब की कब्र के खिलाफ प्रदर्शनों और आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर शहर में दहां निषेधाज्ञा लागू की गई है।
छत्रपति संभाजीनगर में आज से 8 अप्रैल तक निषेधाज्ञा लागू
छत्रपति संभाजीनगर
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छत्रपति संभाजीनगर : मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र के खिलाफ प्रदर्शनों और आगामी त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर शहर में दहां निषेधाज्ञा लागू की गई है। वहीं मामले पर पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार ने निषेधाज्ञा लागू की है, जो आज 25 मार्च से 8 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी।

जानकारी दें कि, कई दक्षिणपंथी संगठन छत्रपति संभाजीनगर जिले के खुल्दाबाद में स्थित मुगल सम्राट औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग कर रहे हैं। पुलिस आदेश के अनुसार छत्रपति संभाजी महाराज की पुण्यतिथि (29 मार्च), गुड़ी पड़वा त्योहार (30 मार्च), ईद, झूलेलाल जयंती (31 मार्च) और राम नवमी (6 अप्रैल) जैसे आगामी कार्यक्रमों का उल्लेख किया गया है।

इस जारी आदेश में कहा गया है कि ऐसी आशंका है कि दक्षिणपंथी संगठन औरंगजेब की मजार के खिलाफ आंदोलन कर सकते हैं इसलिए, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए, महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम-1951 की धारा 37 (1) (3) के तहत छत्रपति संभाजीनगर शहर में निषेधाज्ञा लागू की गई है। आदेश के तहत पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने और बिना अनुमति के आंदोलन करने या मार्च निकालने पर रोक लगाई गई है।

इस आदेश में कहा गया है कि 25 मार्च से 8 अप्रैल तक लोगों को किसी भी तरह का हथियार ले जाने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, इस अवधि में नारेबाजी और तेज आवाज वाले स्पीकर बजाने की भी अनुमति नहीं होगी।

जानकारी दें कि, हाल के दिनों में छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को गिराने की दक्षिणपंथी संगठनों की मांग को लेकर नंदुरबार, पुणे (ग्रामीण), रत्नागिरी, सांगली, बीड और सतारा जिलों के अलावा अन्य क्षेत्रों में सांप्रदायिक अशांति देखी गई।

देखा जाएं तो महाराष्ट्र में इस साल जनवरी 2025 से अब तक सांप्रदायिक तनाव की 823 घटनाएं समाने आई हैं। इन घटनाओं में नागपुर में हाल ही में हुई हिंसा भी शामिल हैं, जहां छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पवित्र पुस्तक की पंक्तियां लिखी चादर जलाए जाने की अफवाह फैलने के बाद हिंसक भीड़ ने बीते 17 मार्च को नागपुर के कई इलाकों में पथराव और आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था। नागपुर हिंसा के दौरान पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर के तीन अधिकारियों सहित 33 पुलिसकर्मी घायल हो गए थे।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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