विरार ओवरब्रिज पर बैन के बावजूद दौड़ी प्राइवेट बस, फोटो खींचने पर पुलिस ने नागरिक का मोबाइल छीना
Virar Overbridge पर भारी वाहनों के प्रतिबंध के बावजूद एक प्राइवेट बस के गुजरने की फोटो लेना एक नागरिक को भारी पड़ गया। ट्रैफिक पुलिस द्वारा मोबाइल छीनने की घटना ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
- Written By: अपूर्वा नायक
विरार ओवरब्रिज पर भारी गाड़ियों पर बैन (सौ. सोशल मीडिया )
Virar Overbridge Bus Ban: विरार ओवरब्रिज पर भारी वाहनों के प्रतिबंध के बावजूद, भारी गाड़ियां अभी भी अवैध तरीके से चल रही हैं। 23 फरवरी को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है।
जिसमें पुलिस ने एक जागरूक नागरिक को धमकाया और जबरदस्ती उसका मोबाइल फोन छीन लिया, जो ब्रिज के ऊपर से गुजर रही एक प्राइवेट बस की फोटो लेने की कोशिश कर रहा था। इस बारे में एक पोस्ट फेसबुक पर भी वायरल हो गई है। इस घटना ने पुलिस प्रशासन की पारदर्शिता और कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
असल में हुआ क्या था?
विरार पूर्व-पश्चिम ओवरब्रिज पर भारी गाड़ियों के आने-जाने पर रोक है। इसके लिए ब्रिज पर लोहे के ऊंचे बेरिके (मेहराब) लगाए गए हैं। लेकिन, छोटे मालवाहक ट्रक और कुछ प्राइवेट बसें जैसी भारी गाड़ियां अक्सर इस ब्रिज का इस्तेमाल करती हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Government Employees को मिलेगा बड़ा तोहफा, अब मिलेंगे 450 से 2500 स्क्वेयर फीट के घर
नागपुर कांग्रेस में ‘इस्तीफा पॉलिटिक्स’: नितिन राउत के तेवरों के आगे झुके केतन ठाकरे, पद त्यागा!
Mumbai IT Professional गिरफ्तार, महिला की फर्जी पोर्न प्रोफाइल बनाकर किया उत्पीड़न
MPCB अफसरों पर गिरेगी गाज? पंकजा मुंडे ने ‘लीपापोती’ पकड़ते ही दिए कार्रवाई के संकेत, कहा- जान से खिलवाड़ नहीं
इस वजह से, गाड़ियों के फंसने, दुर्घटना होने और बीच में ऊंचे आर्च टूटने की कई घटनाएं हुई हैं। ऐसी ही एक घटना 23 फरवरी को दोपहर करीब 12।22 बजे हुई। वाहन क्रमांक एमएच 48 बीएम 1722 वाली एक प्राइवेट बस बैन के बावजूद विरार पश्चिम ओवरब्रिज पर चल रही थी। ऐसी गाड़ियां हमेशा ब्रिज पर ट्रैफिक जाम का कारण बनती हैं और सुरक्षा का मुद्दा बनती हैं। इसलिए वहां खड़े एक नागरिक ने इन नियमों के उल्लंघन के सबूत के तौर पर बस की फोटो खींच ली।
ये भी पढ़ें :- 12 साल बाद रानी बाग में गूंजेगी एशियाटिक शेरों की दहाड़? गुजरात से लाने की तैयारी तेज
लोगों में गुस्से का माहौल
- बताया जाता है कि नियम तोड़ रही बस पर एक्शन लेने के बजाय, वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिस ने फोटो खींच रहे नागरिक को ही रोक दिया। ट्रैफिक पुलिस ने बस की फोटो खींच रहे नागरिक के हाथ से फोन छीन लिया और पूछा, तुमने फोटो क्यों खीची? पुलिस ने नागरिक की कार की भी फोटो खींची।
- इस बारे में एक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और संबंधित नागरिक ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने अपनी गलती और कथित भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए यह एक्शन लिया।
- इस घटना के बाद विरार के लोगों में गुस्से का माहौल है और इस कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। इस समय, एक ने रिएक्शन देते हुए कहा है। पुलिस वाले की फोटो खींचकर वायरल कर देनी चाहिए थी। जबकि कुछ ने ट्रैफिक पुलिस के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की है।
