उल्हासनगर में गहराया जलसंकट, लगातार तीन दिन पानी न मिलने से नागरिकों में आक्रोश
Ulhasnagar Water Crisis: कैंप 4 और 5 में हजारों नागरिकों को लगातार तीन दिनों तक पानी नहीं मिला। जलसंकट को लेकर नागरिकों का गुस्सा बढ़ रहा है, जबकि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
Ulhasnagar Municipal Corporation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ulhasnagar Water Crisis News: कैंप क्रमांक 4 और 5 के हजारों नागरिक जलसंकट के दौर से गुजर रहे हैं और रविवार को लगातार तीसरे दिन भी नलों में पानी नहीं आया, जिससे मनपा प्रशासन के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
गुरुवार को पानी की आपूर्ति बाधित होने, शुक्रवार को बंद होने, उसके बाद वितरण प्रणाली में आई गड़बड़ी और योजना की कमी के कारण रविवार दोपहर तक भी कई इलाकों में पानी की एक बूंद तक नहीं पहुंची है। सोमवार को पानी आने से कुछ राहत मिली।
मनपा प्रशासन की कड़ी आलोचना
इस पृष्ठभूमि में कायद्याने वागा आंदोलन के संस्थापक राज असरोंडकर ने मनपा प्रशासन की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में हर दूसरे दिन पानी की आपूर्ति तो हो रही है, लेकिन जल आपूर्ति विभाग वैकल्पिक व्यवस्था, अतिरिक्त भंडारण या शटडाउन के दौरान पूर्व-योजना बनाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं कर रहा है।
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स्वास्थ्य को लेकर बढ़ रहा खतरा
- उन्होंने कहा कि महावितरण और एमआईडीसी की तकनीकी समस्याओं का खामियाजा हर बार नागरिकों को भुगतना पड़ता है। बार-बार पानी की कमी के कारण नागरिकों को बड़ी मात्रा में पानी जमा करना पड़ रहा है, जिससे डेंगू, दूषित पानी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है।
- एक ओर नागरिकों को नियमित जल आपूर्ति नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन पानी के बिलों की वसूली में कड़ा रुख अपना रहा है। जिससे नागरिकों में भारी असंतोष है। शहर की जल आपूर्ति प्रणाली की कमियों को दूर करके नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग अब जोर पकड़ रही है।
