Ulhasnagar development plan (सोर्सः सोशल मीडिया)
Ulhasnagar Municipal Corporation Budget 2026: उल्हासनगर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 997.23 करोड़ रुपए का मूल बजट बुधवार को आम सभा में प्रस्तुत किया। कुल आय और व्यय के बाद लगभग 14.16 लाख रुपये का शेष (बैलेंस) दिखाया गया है।
मनपा के 29 वर्षों के इतिहास में यह पहला अवसर बताया जा रहा है, जब मनपा आयुक्त ने प्रशासन की ओर से सीधे महापौर को बजट प्रस्तुत किया। सामान्य प्रशासन बजट में स्थायी समिति के अध्यक्ष को नियुक्त किया जाता है, लेकिन वर्तमान में स्थायी समिति के अध्यक्ष नहीं होने के कारण आयुक्त मनीषा अव्हाले ने इस बजट को सीधे महापौर अश्विनी कमलेश निकम को नियुक्त कर दिया।
मनपा आयुक्त मनीषा आव्हाले ने बताया कि यह बजट शहर के समग्र विकास के लिए ‘पंचसूत्र’ योजना पर आधारित है, जिसमें रेस्तरां के विकास, डिजिटलीकरण और पर्यावरण अनुकूलता को शामिल किया गया है। इस बीच कलाकारों को बजट का अध्ययन करने के लिए 30 मार्च तक के लिए समय दिया गया है। विशेष बजट बैठक में उपमहापौर अमर लुंड सहित कई नगर सेवकों ने भाग लेकर चर्चा की।
शहर के विकास के लिए बजट में मनपा मुख्यालय, आयुक्त एवं महामहिम, आवासीय सांस्कृतिक भवन, महिला भवन एवं वित्तीय भवन के निर्माण की योजना भी शामिल है। इसके अलावा उल्हास नदी तट विकास परियोजना के लिए राज्य सरकार से आदर्श पर भी चर्चा हुई।
इस बजट में कुल 997.23 करोड़ रुपये की आय का अनुमान लगाया गया है। राजस्व व्यय 587.59 करोड़ रुपये और कुल राजस्व व्यय 285.65 करोड़ रुपये रहा। राजस्व कार्य के लिए खर्च का हिस्सा 597.41 करोड़ रुपये और निवेश विकास के लिए 372.71 करोड़ रुपये निर्धारित किये गये हैं।
बजट में स्मार्ट ग्रिड, स्मार्ट स्कूल और आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र विकसित करने के विशेष प्रस्ताव दिए गए हैं। सड़क विकास पर 186.21 करोड़ रुपये और जल आपूर्ति सुधार पर 76.65 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे। इसके अलावा महिलाओं, बच्चों और ट्रांसजेंडरों के कल्याण के लिए 10 करोड़ रुपये से अधिक का विशेष प्रावधान किया गया है।
मनपा के आय के प्रमुख स्रोतों में मियामी मियामी (315.18 करोड़ रुपये), सरकारी अनुदान (243.35 करोड़ रुपये), संपत्ति कर (139.10 करोड़ रुपये), जल शुल्क (48.76 करोड़ रुपये), स्टाम्प आवास (50.10 करोड़ रुपये), अन्य आय (26.91 करोड़ रुपये) और 50 करोड़ रुपये का कर्ज शामिल है।
शहर में सरकारी अधिसूचना के तहत कई लागू होते हैं। इनमें AMRUT मिशन के अंतर्गत ग्रेटर नोएडा योजना (416 करोड़ रुपये) और जल आपूर्ति योजना (196 करोड़ रुपये) प्रमुख हैं। इसके अलावा दर्शन सेवा योजना (40 करोड़ रुपये), दलित बस्ती सुधार योजना (15 करोड़ रुपये) और डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर योजना (5 करोड़ रुपये) भी लागू की जाएगी। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 173 करोड़ रुपये के आवास गृह भी कार्यान्वित की मांग करते हैं।
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शहर की परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 24.73 करोड़ रुपये के अलग-अलग कोष का प्रस्ताव रखा गया है। इसके तहत पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत 100 बस सेवा शुरू करने की योजना है। इसके अलावा महिलाओं और एंटेलियनों के लिए रेलवे स्टेशन पर यात्रा की सुविधा उपलब्ध है और शहर में तीन नए बस डिपो स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा गया है।
(इनपुट: कमर काजी)