बदलापुर: मारपीट तक पहुंचा महायुति का मतभेद, शिंदे के पार्षदों ने की बीजेपी पदाधिकारी के बेटे की पिटाई
Badlapur Mahayuti Dispute Shinde BJP Clash: बदलापुर में शिंदे गुट के पार्षदों ने भाजपा नेता के बेटे सनी पाटिल को पीटा। पुरानी रंजिश में 10 लोगों पर मामला दर्ज।
- Written By: अनिल सिंह
बदलापुर में भिड़े भाजपा और शिवसेना (शिंदे) कार्यकर्ता, 10 पर FIR (डिजाइन फोटो)
Badlapur BJP vs Shinde Sena Clash: बदलापुर में महायुति गठबंधन के भीतर की दरार अब सड़कों पर नजर आने लगी है। लंबे समय से चल रहा आंतरिक असंतोष शनिवार रात उस समय चरम पर पहुँच गया, जब एक हल्दी समारोह में दोनों दलों के गुट आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते बहस हाथापाई में बदल गई और आरोप है कि एकनाथ शिंदे की शिवसेना के कार्यकर्ताओं ने भाजपा पदाधिकारी के बेटे सनी पाटिल पर हमला कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, इस विवाद की जड़ें पिछले नगर निगम चुनावों में छिपी हैं। भाजपा पदाधिकारी मारुति पाटिल और शिंदे गुट के पार्षद रोहन पाटिल के बीच चुनावी कड़वाहट अभी तक खत्म नहीं हुई है। इसी रंजिश के चलते समारोह में मौजूद रोहन पाटिल और सूरदास पाटिल के समर्थकों ने सनी पाटिल को घेर लिया और उनकी बेरहमी से पिटाई की।
तनावपूर्ण माहौल और पुलिस की घेराबंदी
घटना के बाद सनी पाटिल ने थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने सीधे तौर पर रोहन पाटिल और सूरदास पाटिल का नाम लेते हुए उन पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की और 10 संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इस घटना के बाद से बदलापुर शहर में राजनीतिक माहौल बेहद गर्माया हुआ है और किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है।
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गठबंधन के लिए बढ़ती चुनौतियां
राज्य में भले ही भाजपा और शिंदे गुट मिलकर सरकार चला रहे हों, लेकिन स्थानीय स्तर पर पार्षदों और पदाधिकारियों के बीच का ‘ईगो क्लैश’ गठबंधन के लिए सिरदर्द बनता जा रहा है। बदलापुर की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि सत्ता के ऊपरी स्तर पर तालमेल के बावजूद, जमीन पर कार्यकर्ताओं के बीच गहरे मतभेद हैं।
नेताओं की चुप्पी और कार्यकर्ताओं का आक्रोश
मारपीट की इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी रोष देखा जा रहा है। उनका कहना है कि अगर सहयोगी दल के ही लोग उन पर हमले करेंगे, तो साथ मिलकर चुनाव कैसे लड़ा जाएगा? फिलहाल दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर महायुति का यह ‘कोल्ड वार‘ अब ‘हॉट वार’ में तब्दील हो चुका है।
