Thane MNC Election में उत्तर भारतीय कार्यकर्ताओं की नाराजगी, दलों की अग्निपरीक्षा

Maharashtra Local Body Election: ठाणे मनपा चुनाव में सभी दल उत्तर भारतीय मतदाताओं को लुभाने में जुटे हैं, लेकिन टिकट न मिलने से कार्यकर्ताओं में गहरी नाराजगी उभरकर सामने आ रही है।
Thane Municipal Corporation
ठाणे महानगरपालिका (सौ. सोशल मीडिया )
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Thane News In Hindi: मनपा चुनावों की घोषणा के बाद नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गयी है। सभी राजनीतिक दल एमएमआर क्षेत्र में रह रहे उत्तर भारतीय मतदाताओं को लुभाने में जुट गए हैं। भाजपा ने उत्तर भारतीय मतदाताओं को अपना वोट बैंक मान लिया है।

शिवसेना, कांग्रेस एवं राकां अजीत, व शरद पवार गुट के अलावा अन्य राजनीतिक दल उत्तर भारतीय वोटरों को लुभाने की कोशिश में जुट गए हैं। लेकिन उत्तर भारतीय कार्यकर्ताओं को उम्मीदवारी देने में किसी भी दल की रुचि नहीं दिख रही है। जिससे उत्तर भारतीय मतदाताओं में नाराजगी व्याप्त है।

यूपी, बिहार, एमपी सहित अन्य राज्यों के हजारों उत्तर भारतीय मुंबई में रहते हैं। अब इन पर सभी राजनीतिक दलों को बड़ा प्यार उमड़ने लगा है। लोकसभा एवं विधान सभा चुनावों में उत्तर भारतीयों ने महायुति के उम्मीदवारों को एक तरफा वोट दिया, जिससे बड़ी संख्या में उम्मीदवार निर्वाचित हुए, लेकिन अब मनपा चुनाव में जब पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उम्मीदवारी की मांग की, तब सीट शेयरिंग सहित अन्य बहाने बना कर इनको साइड करने का प्रयास शुरू हो गया है।

कई उत्तर भारतीयों ने चुनाव लड़ने की जतायी इच्छा

यहां कांग्रेस टिकट पर कई उत्तर भारतीयों ने चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है। इसमें ठाणे शहर जिला कांग्रेस उत्तर भारतीय प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अंजनी सिंह, जिला सचिव अमरनाथ गुप्ता का नाम शामिल है। शिवसेना शिंदे गुट से शशि कुमार यादव, कंचन सिंह, आशीष, गुलाब दुबे, दशरथ यादव एवं कुलदीप तिवारी सहित अन्य ने टिकट की दावेदारी की है।

जबकि भाजपा से पूर्व नगरसेवक राजकुमार यादव, रजनीश त्रिपाठी, संजय सिंह, अमित सिंह, दीनानाथ पांडे, लक्ष्मीकांत यादव, श्रीकांत दुबे, शशिकांत दुबे, शैलेश शर्मा, नीरज सिंह, अमित राय, संतोष जायसवाल, मनोज प्रजापति व अन्य पदाधिकारियों ने पार्टी से टिकट की मांग की है। यूबीटी एवं मनसे मराठी मतदाताओं के ध्रुवीकरण के लिए हिंदी भाषियों की खिलाफत करती है लेकिन उसे भी हिंदी भाषियों के वोट चाहिए।

उत्तर भारतीय मतदाता जिस भी दल के साथ खड़ा होता है, उसकी जीत हो जाती है। कुछ साल पहले तक उत्तर भारतीयों के दम पर कांग्रेस की सरकार बनती थी, जब से उत्तर भारतीयों ने कांग्रेस का साथ छोड़ा, तब से ठाणे में भी कांग्रेस के नगरसेवकों की संख्या लगातार कम होती गई। अब जब बीजेपी की लॉटरी लगी है तो उसे उत्तर भारतीय कार्यकर्ताओं को चुनाव मैदान में उतारना चाहिए।

- एड धनंजय सिंह, अध्यक्ष, रुद्र प्रतिष्ठान

"राकां एसपी हमेशा उत्तर भारतीय नागरिकों के हितों का ध्यान देती है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ जितेंद्र आव्हाड पार्टी संगठन के साथ ही स्थानीय निकाय में प्रतिनिधित्व देते रहे है। पार्टी की तरफ से इस चुनाव में भी उत्तर भारतीय कार्यकर्ताओं को उम्मीदवारी दी जाएगी। सुरेन्द्र उपाध्याय, प्रदेश उपाध्यक्ष, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार)

'राज्य के उप शिंदे उत्तर भारतीय लोगों में कितने अधिक लोकप्रिय हैं, यह बताने की जरूरत नहीं है। शिवसेना सभी भाषा भाषी को साथ लेकर चलने वाली पाटी है, शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन की तरफ से मुंबई एवं ठाणे में कम से कम 5 उत्तर भारतीयों को उम्मीदवारी दिये जाने की मांग की गयी है।'

- गुलाब दुबे, प्रदेश अध्यक्ष, शिवसेना उत्तर भारतीय संगठन

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