भाजपा-शिवसेना गठबंधन पर 48 घंटे में होगा बड़ा फैसला, शिंदे के गढ़ में महामंथन शुरू
BJP-Shiv Sena Thane Alliance News: ठाणे नगर निगम चुनाव से पहले भाजपा और शिवसेना के बीच गठबंधन और सीट बंटवारे पर अगले 48 घंटे में फैसला संभव है। बैठक के बाद रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
- Written By: आकाश मसने
एकनाथ शिंदे व देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: AI)
BJP-Shiv Sena Thane Alliance News: महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के लिए 15 जनवरी को होने वाले चुनावों की सरगर्मी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गृह क्षेत्र ठाणे में गठबंधन की रणनीति को लेकर भाजपा और शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं ने कमर कस ली है, जहाँ विकास के संकल्प के साथ मैदान में उतरने की तैयारी है।
अगले 48 घंटों में गठबंधन की फाइनल तस्वीर आगामी ठाणे नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज है। भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के बीच गठबंधन और सीट-बंटवारे के जटिल फॉर्मूले पर अगले दो दिनों के भीतर अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। दोनों ही दल इस समय गठबंधन की शर्तों और सीटों के आवंटन पर अत्यंत सावधानीपूर्वक विचार कर रहे हैं, ताकि किसी भी प्रकार के मतभेद की गुंजाइश न रहे। ठाणे जिले को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का राजनीतिक गढ़ माना जाता है, इसलिए यहाँ की चुनावी रणनीति दोनों दलों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बनी हुई है।
अंदरूनी कलह को दूर करने की कोशिश
हाल के दिनों में ठाणे जिले में दोनों सहयोगी दलों के बीच कुछ राजनीतिक तनाव की स्थितियां भी देखी गई थीं। विशेष रूप से, शिवसेना के कुछ जमीनी कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने के बाद स्थानीय स्तर पर विवाद पैदा हो गया था। इसी तनाव को कम करने और एक मजबूत मोर्चे के रूप में उभरने के लिए वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप किया है। शिवसेना सांसद नरेश म्हस्के ने स्पष्ट किया है कि गठबंधन और सीटों के बंटवारे पर अंतिम मुहर दोनों पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा ही लगाई जाएगी। यह महत्वपूर्ण बयान भाजपा और शिवसेना नेताओं के बीच चुनाव की रणनीति को लेकर ठाणे में हुई एक समन्वय बैठक के ठीक बाद आया है।
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क्या होगी महायुति की चुनावी रणनीति ?
भाजपा विधायक संजय केलकर के अनुसार, ठाणे में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ‘महायुति’ (गठबंधन) की साझा चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना था। इस बैठक में न केवल दोनों दलों के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, बल्कि जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को भी विश्वास में लिया गया ताकि चुनाव प्रचार के दौरान बेहतर तालमेल बना रहे। केलकर ने विश्वास जताया है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में यह गठबंधन जनहित और विकास के मुद्दों पर केंद्रित होकर एक निर्णायक जीत हासिल करेगा। नेताओं का मानना है कि उनकी ताकत उनकी एकजुटता और सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों में निहित है।
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15 जनवरी को ‘सियासी अग्निपरीक्षा’
महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, ठाणे और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) सहित राज्य के कुल 29 नगर निगमों के लिए बहुप्रतीक्षित मतदान 15 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। इस चुनावी मुकाबले के नतीजे अगले ही दिन, यानी 16 जनवरी को मतगणना के बाद स्पष्ट हो जाएंगे। चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही मुख्यमंत्री फडणवीस ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि भाजपा और शिवसेना अधिकांश चुनावी क्षेत्रों में एक साथ मिलकर मुकाबला करेंगे। ठाणे में होने वाला यह निर्णय राज्य की अन्य नगरपालिकाओं के लिए भी एक मानक तय कर सकता है।
यह गठबंधन उस क्रिकेट टीम की तरह है जहां दो दिग्गज खिलाड़ी अपनी आपसी प्रतिस्पर्धा को किनारे रखकर केवल टीम की जीत के लिए मैदान पर उतर रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि ट्रॉफी (सत्ता) तभी मिलेगी जब वे एक-दूसरे के पूरक बनकर खेलेंगे।
