भाजपा और एमआईएम (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Akola Municipal Corporation 2026: अकोला शहर में महापौर और उपमहापौर के चुनाव की प्रक्रिया होने के बाद अब सबकी निगाहें मनपा की आर्थिक धुरी मानी जाने वाली स्थायी समिति के चुनाव पर टिक गई हैं। 16 सदस्यीय इस समिति में किस गुट को कितनी सीटें मिलेंगी और सभापति पद की माला किसके गले में पड़ेगी, इसे लेकर राजनीतिक हलकों में जोरदार गतिविधियां शुरू हो गई है।
मनपा में दलगत स्थिति देखें तो भाजपा के सर्वाधिक 38 पार्षद हैं। इसके बाद कांग्रेस के 21, शिवसेना उबाठा के 6, वंचित बहुजन आघाड़ी के 5, राष्ट्रवादी (शरद पवार) के 3, एमआईएम के 3, जबकि राष्ट्रवादी (अजित पवार) और शिवसेना (शिंदे गुट) के एक-एक पार्षद हैं। स्थायी समिति की संरचना के अनुसार हर 5 सदस्य पर एक समिति सदस्य चुना जाता है।
16 सदस्यीय स्थायी समिति में सभापति बनने के लिए 9 सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। वर्तमान स्थिति में शहर सुधार आघाड़ी के पास यह बहुमत दिखाई दे रहा है। भाजपा के पास अपने 8 सदस्य हैं। यदि शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी (अजीत पवार गुट) का समर्थन मिला तो यह आंकड़ा 9 तक पहुंच जाएगा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा के मनपा चुनाव प्रमुख विजय अग्रवाल को स्थायी समिति का सभापति बनाया जा सकता है। उन्हें काफी अनुभव है, वे इसके पूर्व महापौर तथा स्थायी समिति के सभापति पद पर कार्य कर चुके हैं।
महापौर और उपमहापौर पदों का चुनाव संपन्न हो चुका है, लेकिन स्थायी समिति का सभापति पद अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पद पर अपनी दावेदारी सुनिश्चित करने के लिए भाजपा सहित शहर सुधार आघाड़ी में शामिल अन्य दलों के कई दिग्गज नेताओं ने ‘फिल्डिंग’ शुरू कर दी है।
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए स्थायी समिति का सभापति पद भाजपा के पास ही रहेगा, यह लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन नाम अभी तक पूरी तरह से निश्चित नहीं हुआ है।अकोला मनपा स्थायी समिति चुनाव: 16 सदस्यीय समिति में भाजपा का दबदबा! विजय अग्रवाल बन सकते हैं सभापति। जानें बहुमत का गणित और एमआईएम की भूमिका।
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इस हिसाब से भाजपा के 8, कांग्रेस के 4, ठाकरे गुट का 1 और वंचित का 1 सदस्य निश्चित माना जा रहा है। लेकिन महापौर चुनाव में बने गठबंधन और आघाड़ी की गणित के चलते तस्वीर कुछ अलग दिख रही है। भाजपा-प्रणित शहर सुधार आघाड़ी के पास फिलहाल 9 सदस्य हैं, जबकि महाविकास आघाड़ी के पास 6 सदस्यीय बल है।
भाजपा अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए एमआईएम को साथ लेकर संख्या 10 तक पहुंचाने की संभावना तलाश रही है। उतरते क्रमांक के अनुसार एमआईएम का एक सदस्य समिति में रहेगा। दूसरी ओर, महापौर चुनाव में भाजपा को समर्थन देने वाले आशीष पवित्रकार को अब भी बागी माना जा रहा है, इसलिए स्थायी समिति चुनाव में वे शहर सुधार आघाड़ी का साथ देंगे या नहीं, इस पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।