ठाणे पैसेंजर शेल्टर (सौ. सोशल मीडिया )
Thane Modern Passenger Shelters: एसटी बस यात्रियों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने ठाणे जिले में 15 मॉडर्न ‘पैसेंजर शेल्टर’ बनाने की मंजूरी दी है।
इन शेल्टर्स में हॉटेल फाउंटन, मानपाड़ा, माजिवड़ा, और भिवंडी के कई स्थान शामिल हैं। इन शेल्टर्स का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को गर्मी, बारिश और दूसरे मौसम की प्रतिकूल स्थितियों से बचाना है।
प्रत्येक शेल्टर लगभग 20 लाख रुपये की लागत से बनाया जाएगा, जिसमें बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ सीसीटीवी जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। सरकार ने Thane जिले में मॉडर्न ‘पैसेंजर शेल्टर’ बनाने के लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी दे दी है।
इसका मकसद सार्वजानिक परिवहन व्यवस्था को यात्रियों के लिए अधिक सक्षम और आरामदायक बनाना है। महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल के मुंबई विभाग के तहत लागू की गई इस स्कीम से जिले के उन हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जो रोजाना एसटी बसों से सफ़र करते हैं। ठाणे जिला मुंबई महानगर क्षेत्र का एक जरूरी और तेजी से विकसित हो रहा हिस्सा है, इसलिए जिले में सार्वजानिक परिवहन व्यवस्था पर बहुत ज्यादा दबाव है।
महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन महामंडल का जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाला एक बड़ा नेटवर्क है, और हजारों यात्री रोजाना नियमित इस सेवा का इस्तेमाल करते हैं। ठाणे, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी, शहापुर, मुरबाड जैसे इलाकों से जिले के अलग-अलग हिस्सों के साथ-साथ राज्य के दूसरे जिलों के लिए भी एसटी बस सेवा बड़े पैमाने पर चलती हैं।
इसके अलावा, नाशिक, पुणे, पालघर, रायगढ़ सहित अन्य जिलों से भी बड़ी संख्या में एसटी बसें ठाणे जिले से आती-जाती हैं, जिससे बस स्टैंड और बड़े स्टॉप पर यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षित, साफ-सुथरे और अच्छी सुविधाओं वाले स्टॉप मिलना बहुत जरूरी है।
कई जगहों पर यात्रियों के खड़े होने के लिए सही इंतजाम न होने की वजह से यात्रियों को गर्मी, मानसून या दूसरे खराब मौसम में बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। यह समस्या खासकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों और लंबी दूरी की यात्रा के लिए रुकने वाले यात्रियों के लिए बहुत ज्यादा है।
जिसको लेकर सरकार ने मॉडर्न सुविधाओं से सुसज्जित ‘पैसेंजर शेल्टर’ बनाने का फैसला लिया है। हर यात्री शेल्टर पर लगभग 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है, और इन कामों में शेल्टर बनाना, इंफ्रास्ट्रक्चर, बिजली और पानी की सप्लाई के साथ-साथ सप्लीमेटी डेवलपमेंट के काम भी शामिल हैं।
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हॉटेल फाउंटन, अंबाडी, डोलखांब, खांडेश्वरी नाका, किन्हवली, कुडूस, माजिवडा (भिवंडी और बोरिवली साइड), मामनोली, मानपाडा, रांजणोली, सरलगाव, शेणवा, टोकावडे एवं माणकोली।