निजी स्कूलों पर सख्त हुए Dada Bhuse, तय दुकानों से खरीदारी का दबाव डालने पर होगी कार्रवाई

महाराष्ट्र के शिक्षा मंत्री Dada Bhuse ने निजी स्कूलों की मनमानी पर सख्त रुख अपनाया है। अब स्कूल अभिभावकों को तय दुकानों से किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेंगे।
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(Dada Bhuse सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra School Rules Dada Bhuse: महाराष्ट्र के स्कूल शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को शैक्षणिक सामग्री केवल तय दुकानों से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता।

मंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी स्कूल अभिभावकों पर विशेष दुकानों से किताबें, यूनिफॉर्म और अन्य सामग्री खरीदने का दबाव बना रहे हैं। इसे अनैतिक बताते हुए उन्होंने ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

फीस वृद्धि नियमों में बदलाव की तैयारी

Dada Bhuse ने स्कूल फीस वृद्धि से जुड़े नियमों में सुधार की भी बात कही। उन्होंने बताया कि वर्तमान में फीस वृद्धि का विरोध करने के लिए 25 प्रतिशत अभिभावकों की सहमति आवश्यक होती है, लेकिन इस शर्त में बदलाव के लिए कानूनी परामर्श लिया जा रहा है।

नए सर्कुलर की होगी घोषणा

शिक्षा विभाग जल्द ही एक नया सर्कुलर जारी करेगा, जिसमें स्कूलों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि 10 से 15 प्रतिशत की स्वीकृत फीस वृद्धि का उपयोग केवल आधारभूत सुविधाओं और विकास कार्यों के लिए ही किया जाए।

Dada Bhuse का भ्रष्टाचार पर भी कड़ा रुख

इसके साथ ही शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) के कार्यकाल को बढ़ा दिया गया है। मंत्री ने जांच प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई हो सके।

अभिभावकों को मिलेगा राहत

सरकार के इस फैसले से अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब उन्हें स्कूलों की मनमानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और वे अपनी सुविधा के अनुसार शैक्षणिक सामग्री खरीद सकेंगे।

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