MMRDA Thane Project: ठाणे शहर और आसपास के इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण (MMRDA) द्वारा बनाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘ठाणे कोस्टल रोड फेज-1’ परियोजना ने एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर (Milestone) पार कर लिया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के फाउंडेशन (नींव) का 50 प्रतिशत काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
यह प्रोजेक्ट ठाणे के ट्रैफिक को पूरी तरह से बदलने वाला साबित होगा। 50% फाउंडेशन का काम पूरा होना इस बात का संकेत है कि अब प्रोजेक्ट का मुख्य ढांचा तेजी से जमीन के ऊपर दिखाई देने लगेगा। यह सड़क ठाणे-नासिक एक्सप्रेसवे (खारेगांव के पास) को घोडबंदर रोड पर गायमुख से जोड़ेगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 13.5 किलोमीटर होगी और यह छह लेन वाली सड़क होगी।
वर्तमान में, घोडबंदर रोड और ठाणे शहर के अंदरूनी हिस्सों में भारी वाहनों और स्थानीय ट्रैफिक के कारण घंटों लंबा जाम लगा रहता है। इस कोस्टल रोड के बन जाने के बाद, भारी वाहन शहर के बाहर-बाहर ही निकल जाएंगे। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ईंधन की बचत भी होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।
Major Project Update: Thane Coastal Road hits fast forward In just eight months since construction began, Thane Coastal Road-1 has crossed a major milestone, with over 50% of the foundation work for the elevated viaduct now complete and pier cap and I-girder erection… pic.twitter.com/xLkNICrXu7 — MMRDA (@MMRDAOfficial) February 13, 2026
कनेक्टिविटी: यह सड़क आगामी मुंबई-नासिक हाईवे (NH-160) से गायमुख-फाउंटेन होटल टनल और ठाणे-बोरीवली जुड़वां सुरंग (Twin Tunnel) प्रोजेक्ट के साथ भी तालमेल बिठाएगी।
सुविधाएं: आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों का उपयोग कर इसे खाड़ी के किनारे तैयार किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को मनोरम दृश्य भी मिलेंगे।
यह 13.45 किलोमीटर लंबा, छह-लेन वाला एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर न केवल अपनी लंबाई बल्कि अपनी इंजीनियरिंग के लिए भी चर्चा में है। भारत में पहली बार किसी सड़क परियोजना में सिंगल-पाइल, सिंगल-पियर सिस्टम के साथ मोनोपाइल फाउंडेशन का उपयोग किया जा रहा है। यह तकनीक न केवल निर्माण को मजबूती देती है बल्कि काम की गति को भी कई गुना बढ़ा देती है।
ठाणे क्रीक कोस्टलाइन के साथ बन रहा यह प्रोजेक्ट पर्यावरण का भी पूरा ख्याल रख रहा है। संवेदनशील मैंग्रोव इकोसिस्टम को सुरक्षित रखने के लिए वायडक्ट और पुलों के डिजाइन में विशेष सावधानी बरती गई है। यह कॉरिडोर NH-160 (मुंबई-नासिक हाईवे) और गायमुख के बीच एक रणनीतिक फ्रेट कॉरिडोर (माल ढुलाई मार्ग) के रूप में कार्य करेगा।
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गायमुख पर यह सड़क सीधे निर्माणाधीन गायमुख-फाउंटेन होटल टनल से जुड़ेगी। इससे ठाणे और भायंदर के बीच यात्रा का समय नाटकीय रूप से कम हो जाएगा। वर्तमान में घोड़बंदर रोड पर लगने वाले घंटों के जाम से यात्रियों को निजात मिलेगी। साथ ही, यह वधावन पोर्ट, JNPT, दक्षिण महाराष्ट्र और कर्नाटक की ओर जाने वाले भारी वाहनों के लिए एक सुगम रास्ता प्रदान करेगा।
यह कोस्टल रोड अकेले काम नहीं करेगी, बल्कि यह ठाणे के भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर की रीढ़ होगी। यह आने वाले समय में ठाणे रिंग मेट्रो, कोस्टल रोड फेज-2, साकेत-अमाने एलिवेटेड कॉरिडोर, कासरवडावली-खरभाव रोड इन सभी बड़े प्रोजेक्ट्स के साथ जुड़कर यह पूरे ठाणे क्षेत्र को एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क में बदल देगा।