municipal demolition drive delayed (सोर्सः सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar: ऐतिहासिक धरोहर क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाने के लिए प्रस्तावित महानगरपालिका की कार्रवाई अंतिम क्षणों में स्थगित करनी पड़ी। पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं होने के कारण मनपा की टीम को बिना कार्रवाई किए लौटना पड़ा। इस घटनाक्रम ने विरासत संरक्षण से जुड़ी तैयारियों और विभागीय समन्वय पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
शासकीय ज्ञान विज्ञान महाविद्यालय परिसर स्थित शाही मस्जिद के समीप विवाह सामग्री का एक अनधिकृत गोदाम बनाए जाने की शिकायत मनपा को प्राप्त हुई थी। संबंधित क्षेत्र को संरक्षित और ऐतिहासिक दर्जा प्राप्त है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण नियम विरुद्ध माना जाता है। मनपा आयुक्त जी श्रीकांत के निर्देश पर अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
सूत्रों के अनुसार, इस स्थान पर पहले भी अवैध निर्माण हटाया गया था, लेकिन कुछ समय बाद पुनः निर्माण कर लिया गया। इसके बाद अतिक्रमण हटाओ विभाग, निर्माण कार्य शाखा और पुलिस प्रशासन के संयुक्त अभियान की रूपरेखा तैयार की गई। संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस सुरक्षा अनिवार्य मानी गई थी।
ये भी पढ़े: अब बिजली भी स्मार्ट: छत्रपति संभाजीनगर में बिजली व्यवस्था हुई हाई-टेक; टीओडी मीटर लागू
गुरुवार सुबह मनपा का दल मशीनरी और कर्मचारियों के साथ स्थल पर पहुंचा। हालांकि पुलिस भर्ती प्रक्रिया के चलते पर्याप्त बल उपलब्ध नहीं हो सका। कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के कारण कार्रवाई को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
बार-बार अतिक्रमण की पुनरावृत्ति से नागरिकों में असंतोष है। विशेषज्ञों का मानना है कि संरक्षित क्षेत्रों में सख्त और निरंतर निगरानी के बिना विरासत स्थलों की सुरक्षा संभव नहीं है। प्रशासन ने शीघ्र नई तारीख घोषित कर समन्वित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।