BMC की तिजोरी पर किसका होगा कब्जा? मेयर के बाद अब 'स्थायी समिति' अध्यक्ष की बारी, 74,000 करोड़ का बजट दांव पर!

Mumbai News: मुंबई नगर निगम (BMC) में मेयर चुनाव संपन्न होने के बाद अब महत्वपूर्ण समितियों के अध्यक्षों की नियुक्ति की तैयारी तेज हो गई है। बजट 2026 के क्रियान्वयन के लिए यह कदम बेहद अहम है।
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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (सोर्स: सोशल मीडिया)
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BMC Standing Committee Election: देश के सबसे अमीर नगर निगम, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में सत्ता की तस्वीर साफ होने के बाद अब प्रशासनिक और विधायी कार्यों को गति देने की कवायद शुरू हो गई है। हाल ही में मुंबई मेयर के चुनाव संपन्न होने के साथ ही अब सबकी निगाहें बीएमसी की शक्तिशाली समितियों, जैसे स्थायी समिति (Standing Committee), सुधार समिति (Improvements Committee) और शिक्षा समिति के अध्यक्षों की नियुक्ति पर टिकी हैं।

महायुति का दबदबा और समितियों का गठन

बीएमसी चुनाव में बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) के गठबंधन 'महायुति' ने स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। बीजेपी की रितु तावड़े के निर्विरोध मेयर चुने जाने के बाद अब सत्ता पक्ष अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए अहम समितियों में अपने भरोसेमंद पार्षदों को जगह देने की योजना बना रहा है। सूत्रों के अनुसार, इन समितियों के सदस्यों और अध्यक्षों की घोषणा अगले कुछ दिनों में होने वाली विशेष बैठकों में की जा सकती है।

बजट 2026 के लिए क्यों जरूरी हैं ये नियुक्तियां?

फरवरी का महीना बीएमसी के लिए वित्तीय दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण होता है। 74,000 करोड़ से अधिक के विशाल बजट के आवंटन और नए प्रोजेक्ट्स को मंजूरी देने के लिए 'स्थायी समिति' का अध्यक्ष होना अनिवार्य है। पिछले लगभग चार वर्षों से प्रशासक के शासन के बाद, अब निर्वाचित प्रतिनिधियों के हाथ में कमान आने से परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है। तटीय सड़क (Coastal Road), सड़कों का कंक्रीटीकरण और स्लम पुनर्विकास जैसी प्रमुख योजनाओं को इन समितियों के गठन के बाद ही अंतिम मंजूरी मिल सकेगी।

विपक्ष की भूमिका और रणनीतिक समीकरण

मेयर चुनाव से दूर रहने वाली विपक्षी पार्टियों (शिवसेना UBT और कांग्रेस) की नजर अब समितियों में मिलने वाले प्रतिनिधित्व पर है। नियमों के अनुसार, पार्षदों की संख्या के आधार पर प्रत्येक पार्टी को समितियों में सीटें आवंटित की जाती हैं। हालांकि, अध्यक्ष पद पर कब्जा सत्ताधारी गठबंधन का ही होने की संभावना है, लेकिन सदन में चर्चा और बजट प्रस्तावों पर बहस के दौरान विपक्ष की घेराबंदी देखने को मिल सकती है।

बीएमसी प्रशासन के अनुसार, 16 फरवरी को होने वाली बैठक में वैधानिक समितियों के सदस्यों के नाम तय किए जाएंगे, जबकि 20 फरवरी के आसपास अध्यक्षों का चुनाव होने की संभावना है।

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