12 साल बाद घर वापसी, मानसिक रूप से अशक्त व्यक्ति का परिवार से पुनर्मिलन
Thane news: जीवन आनंद सामाजिक संस्था के प्रयास से 12 साल से लापता मानसिक रूप से अशक्त सफीकुल का पश्चिम बंगाल में उसके परिवार से पुनर्मिलन हुआ। जिससे परिजनों में खुशी की लहर है।
- Written By: सोनाली चावरे
12 साल बाद घर वापसी (pic credit; social media)
Maharashtra News: जीवन आनंद सामाजिक संस्था ने एक अनोखी मिसाल कायम करते हुए 12 वर्षों से लापता मानसिक रूप से अशक्त व्यक्ति को उसके परिवार से मिलवाया है। संस्था के अथक प्रयासों से पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले निवासी सफीकुल (43) का परिवार से पुनर्मिलन संभव हुआ।
जानकारी के अनुसार सफीकुल मानसिक परेशानी के कारण 12 वर्ष पूर्व अपने घर से लापता हो गया था। परिवार लगातार उसकी तलाश करता रहा, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इस बीच, परिवार उसकी वापसी की उम्मीद लगभग छोड़ चुका था।
आश्रम में मिली नई शुरुआत
करीब पांच महीने पहले सफीकुल को समुदुर्ग जिले के पांडुर गांव में पुलिस की मदद से एक आश्रम में भर्ती कराया गया। वहां उसकी देखरेख संस्था से जुड़े लोगों द्वारा की गई। संस्था के न्यासी किशन चौरे ने बताया कि सफीकुल की बातचीत बेहद अस्पष्ट थी और अक्सर समझ से परे होती थी। बावजूद इसके संस्था ने हार नहीं मानी।
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लगातार प्रयास से मिला परिवार का पता
किशन चौरे और उनकी टीम ने सफीकुल से धीरे-धीरे संवाद करने की कोशिश जारी रखी। लंबे प्रयास के बाद आखिरकार उसके मूल स्थान का सुराग मिला। संस्था ने तत्परता दिखाते हुए उसके परिवार से संपर्क साधा और पुनर्मिलन की प्रक्रिया पूरी करवाई।
परिवार में खुशी का माहौल
12 साल बाद अपने बेटे को देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने जीवन आनंद सामाजिक संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने असंभव को संभव कर दिखाया है।
यह पुनर्मिलन न केवल सफीकुल के जीवन में नई रोशनी लेकर आया, बल्कि इसने समाज को भी यह संदेश दिया कि धैर्य और सतत प्रयास से किसी भी खोए हुए रिश्ते को वापस पाया जा सकता है।
