येवला गटर योजना पर भ्रष्टाचार के आरोप, पार्षदों का प्रशासन को ज्ञापन; जांच की मांग
Yeola Underground Sewer Project: येवला में भूमिगत गटर योजना में घटिया काम और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। पार्षदों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर जांच और तकनीकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Yeola Corruption Allegation: येवला शहर में जारी भूमिगत गटर योजना के काम में घटिया गुणवत्ता, भारी अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद चंद्र पवार) के पार्षदों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शिवसेना के गुट नेता गणेश शिंदे और राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरद चंद्र पवार) के गुट नेता डॉ। संकेत शिंदे के नेतृत्व में तहसीलदार और नगर परिषद के मुख्य अधिकारी तुषार अहेर को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन के माध्यम से पार्षदों ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को खामियों को उजागर किया है। पिछले आठ-दस महीनों से चल रहा काम अत्यंत निम्न स्तर का है, जिससे भविष्य में गटर चोक होने और गंदगी फैलने का डर है।
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पाइपलाइन डालने के लिए कई स्थानों पर सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे कंक्रीटीकरण का काम रुक गया है और नागरिकों का चलना दूभर हो गया है।
पार्षदों ने इस परियोजना में बड़े पैमाने पर वित्तीय भ्रष्टाचार का संदेह व्यक्त किया है और काम की तकनीकी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।
सीएम तक पहुंचेगी शिकायत
पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लेकर उच्च स्तरीय जांच शुरू नहीं की, तो शहर में तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। इस सबंध मैं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और नगर विकास मंत्री की भी पत्र भेजा जा रहा है।
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पार्षदों का तर्क है कि जनता के टैक्स के पैरो का इस तरह दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि विकास के नाम पर शहर की सूरत बिगाड़ी जा रही है। ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से मानकी को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है।
