Thane municipal health action (सोर्सः सोशल मीडिया)
Thane Municipal Health Action: ठाणे जिले के बदलापुर में अवैध रूप से महिलाओं के स्पर्म बेचने का मामला सामने आने के बाद अब जिले के अन्य शहरों में भी कार्रवाई तेज हो गई है। इस मामले के तार ठाणे शहर से भी जुड़ते नजर आए हैं। ठाणे के एक बड़े अस्पताल में बिना लाइसेंस के चल रहे IVF सेंटर में इसी तरह की गड़बड़ियां सामने आने के बाद ठाणे मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल का लाइसेंस रद्द कर दिया और सोनोग्राफी मशीनों को सील कर दिया है।
मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ठाणे मनपा प्रशासन को शहर के सभी IVF और सोनोग्राफी सेंटर्स का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में मंगलवार को एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें शिवसेना ग्रुप लीडर पवन कदम, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रसाद पाटिल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
जांच में सामने आया कि गरीब महिलाओं को पैसों का लालच देकर उन्हें इंजेक्शन दिए जाते थे, जिससे उनके शरीर में अधिक स्पर्म उत्पादन के लिए दबाव बनाया जाता था। इसके बाद इस जैविक सामग्री को निकालकर लाखों रुपये में बेचा जाता था।
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डॉ. प्रसाद पाटिल ने बैठक में बताया कि इस अवैध गतिविधि के तहत संतान की इच्छा रखने वाले दंपतियों से भारी रकम वसूली जाती थी। ठाणे म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेडिकल अधिकारियों ने हाल ही में मिली सूचना के आधार पर एक प्रसिद्ध अस्पताल में बिना मंजूरी के चल रहे IVF सेंटर पर छापा मारा। इस कार्रवाई में सेंटर की अनुमति रद्द कर दी गई और वहां मौजूद तीन सोनोग्राफी मशीनों को सील कर दिया गया।
मेयर शर्मिला पिंपोलकर ने ठाणे महानगरपालिका क्षेत्र के सभी IVF सेंटर्स की तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही, अवैध सोनोग्राफी केंद्रों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने प्रशासन को इस मामले की नियमित निगरानी करने और हर सप्ताह रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।