
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Thane Extortion Case: महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक संयुक्त उप पंजीयक (डिप्टी रजिस्ट्रार) को धमकाकर 25 लाख रुपये की जबरन वसूली करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पीड़ित को झूठी शिकायतें करने और मीडिया में गलत जानकारी फैलाने की धमकी भी दी थी।
ठाणे पुलिस ने एक संयुक्त उप पंजीयक (डिप्टी रजिस्ट्रार) को पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता बनकर धमकाने तथा उनसे 25 लाख रुपये की जबरन वसूली का प्रयास करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि पीड़ित की शिकायत के अनुसार, तीन व्यक्तियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से उनके खिलाफ मानहानिकारक शिकायतें कीं। इतना ही नहीं, उन्होंने मीडिया में पीड़ित के बारे में गलत जानकारी भी फैलाई। आरोपियों ने डिप्टी रजिस्ट्रार को धमकी दी थी कि यदि उन्होंने 25 लाख रुपये नहीं दिए, तो उन्हें निलंबित करवा दिया जाएगा।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस के जबरन वसूली निरोधक दस्ते ने तुरंत कार्रवाई की। पुलिस ने शुक्रवार को कलवा इलाके में एक रेस्तरां के पास एक आरोपी को पीड़ित से 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आगे बताया कि इस मामले में एक अन्य आरोपी को भी ठाणे जिले के मीरा-भाईंदर इलाके से हिरासत में ले लिया गया है। यह घटना जबरन वसूली के प्रयासों की गंभीरता को दर्शाती है, जहां आरोपी फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर रहे थे।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं में धारा 308(2) (जबरन वसूली) और 3(5) (सामान्य इरादे) शामिल हैं।
विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को स्थानीय अदालत में पेश किया गया। अदालत ने दोनों आरोपियों को 18 नवंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले में आगे की विस्तृत जांच कर रही है।






