दिवाली में सिर्फ ग्रीन पटाखे! ठाणे मनपा की सख्त चेतावनी, उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई

Green Diwali: ठाणे मनपा ने इको-फ्रेंडली दिवाली की अपील की है। नागरिकों को केवल हरित पटाखे फोड़ने, प्लास्टिक से परहेज करने और पर्यावरण अनुकूल सजावट अपनाने की सलाह दी गई है।
Fire crackers Diwali
दिवाली में सिर्फ ग्रीन पटाखे! ठाणे मनपा की सख्त चेतावनी, उल्लंघन पर हो सकती है कार्रवाई
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Thane News: रोशनी का त्योहार दिवाली अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। लेकिन हाल के वर्षों में, पटाखों, प्लास्टिक की सजावट और कचरे के कारण यह त्योहार अत्यधिक प्रदूषण का पर्याय बन गया है। पटाखों से निकलने वाली तेज आवाज़ और हानिकारक धुआं वायु और ध्वनि प्रदूषण में काफ़ी योगदान देता है। ये सल्फर डाई ऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी जहरीली गैसें छोड़ते हैं, जो श्वसन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती हैं और जानवरों व बुजुर्गों को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

इसी को लेकर ठाणे मनपा आयुक्त सौरभ राव ने ठाणे शहर में इको फ्रेंडली दिवाली मनाने की अपील की है। त्योहारों के दौरान रात 10 बजे तक केवल हरित पटाखे (Green Crackers) फोड़ने की अनुमति है। मनपा आयुक्त सौरभ राव की ओर से कहा गया है कि ठाणे शहर में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में होने के कारण, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के आदेशानुसार ठाणे मनपा क्षेत्र में केवल हरित पटाखों की अनुमति दी गई है। नागरिकों से इसका पालन करने और प्रदूषण-मुक्त दिवाली मनाने की अपील की गई है।

आयुक्त सौरभ राव ने सभी ठाणेवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली मनाते समय स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों का ध्यान रखना आवश्यक है।

सुरक्षा और पर्यावरण संबंधी दिशानिर्देश:

  • महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार, नागरिकों को हरित पटाखे फोड़ते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
  • पटाखे फोड़ते समय सिंथेटिक कपड़ों की बजाय सूती कपड़े पहनें।
  • खुली जगहों पर पटाखे फोड़ें और जलाते समय पानी और रेत पास रखें।
  • पटाखे जलाते समय बच्चों पर विशेष ध्यान दें ताकि दुर्घटनाएं न हों।
  • वरिष्ठ नागरिकों और रोगियों को किसी प्रकार की असुविधा न पहुंचे, इसका ध्यान रखें।

पर्यावरण संरक्षण के लिए अपील:

  • महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, मनपा के पर्यावरण विभाग ने नागरिकों से जिम्मेदारी से पटाखे जलाने की अपील की है। प्लास्टिक की सजावट की जगह प्राकृतिक और बायोडिग्रेडेबल सामग्री का इस्तेमाल करें।
  • बिजली की खपत कम करने और स्थानीय कारीगरों को सहयोग देने के लिए बिजली की लाइटों की बजाय मिट्टी के दीयों का उपयोग करें।
  • घर को रासायनिक रंगों की बजाय चावल के आटे, फूलों और हल्दी से बनी रंगोली से सजाएं।
  • कपड़े, कागज या पत्तों से बने हाथ से बने तोरण आजमाएं, ये न केवल सुंदर दिखते हैं बल्कि स्थिरता और रचनात्मकता को भी बढ़ावा देते हैं।

आयुक्त राव ने कहा कि पशु-पक्षियों और पेड़ों को भी पटाखों से होने वाले नुकसान से बचाना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रदूषण रोकने और नागरिकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए ठाणे मनपा क्षेत्र में संदेश बोर्ड और पोस्टर लगाए जा रहे हैं ताकि लोग पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनें और हरित व सुरक्षित दिवाली मना सकें।

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