ठाणे में 2 सालों में 14 अरब की साइबर ठगी, पुलिस ने 1220 मामलों का किया खुलासा, 1010 आरोपी गिरफ्तार
Thane Cyber Crime Cases: ठाणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में दो वर्षों में 1,886 साइबर अपराध दर्ज हुए हैं। ठगों ने सोशल मीडिया और फर्जी ऐप के जरिए 14 अरब रुपये से अधिक की ठगी की।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Thane Cyber Fraud 14 Billion: सरकार के जागरूकता अभियानों के बावजूद ठाणे पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में साइबर अपराधों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। पिछले दो वर्षों में ठाणे साइबर पुलिस स्टेशन सहित विभिन्न थानों के साइबर सेल में कुल 1,886 मामले दर्ज किए गए हैं।
साइबर अपराधियों ने फेसबुक, व्हाट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को झांसा देकर 14 अरब रुपये से अधिक की ठगी की है।
1220 मामलों का पर्दाफाश
पुलिस के अनुसार अब तक 1,220 मामलों का खुलासा किया जा चुका है और 1,010 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाना चुनौती बना हुआ है।
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ठगी के आम तरीके
पुलिस ने बताया कि फर्जी ऐप और वेबसाइट के जरिए निवेश का लालच देना, कस्टमर केयर बनकर ओटीपी या लिंक साझा करवाना, सोशल मीडिया पर दोस्ती कर इमोशनल फ्रॉड करना और पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर ‘टास्क’ पूरे करने के लिए पैसे मांगना-ये तरीके सबसे ज्यादा अपनाए जा रहे हैं। मध्यम वर्ग, वरिष्ठ नागरिक और युवा वर्ग इन ठगी के मामलों में सबसे ज्यादा शिकार बन रहे हैं।
1930 हेल्पलाइन पर तुरंत करें शिकायत
केंद्र सरकार की एजेंसियों और पुलिस विभाग द्वारा लगातार जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि साइबर ठगी का संदेह होते ही तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। अधिकारियों के अनुसार, जितनी जल्दी शिकायत दर्ज की जाएगी, उतनी ही अधिक संभावना रहती है कि ठगी की रकम को ‘फ्रीज’ कर वापस दिलाया जा सके।
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इसके बावजूद कई लोग जागरूकता के अभाव में साइबर ठगों के जाल में फंस रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, कॉल या निवेश प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले उसकी पूरी जांच-पड़ताल करें और व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।
