प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
GST Fraud Thane: महाराष्ट्र के ठाणे में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) विभाग ने टैक्स चोरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 172 करोड़ रुपये के ‘इनपुट टैक्स क्रेडिट’ (ITC) घोटाले का पर्दाफाश किया है। इस मामले में विभाग ने एक प्रमुख केमिकल कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है, जिस पर जाली दस्तावेजों के जरिए सरकार को करोड़ों का चूना लगाने का आरोप है।
सीजीएसटी ठाणे आयुक्तालय के कर अपवंचन रोधी प्रकोष्ठ (Anti-Evasion Wing) को इनपुट टैक्स क्रेडिट में विसंगतियों की सूचना मिली थी। जांच के दौरान अधिकारियों ने पाया कि ‘फ्लोरिडा सॉल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक भौमिक गिरीशभाई गांधी इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड थे। आरोपी ने बिना किसी वास्तविक माल की प्राप्ति या आपूर्ति के ही 952 करोड़ रुपये के फर्जी बिल जनरेट किए। इन बिलों के आधार पर 172 करोड़ रुपये का अयोग्य इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) न केवल प्राप्त किया गया, बल्कि उसे आगे भी पास किया गया।
विज्ञप्ति के अनुसार, जब विभाग ने गांधी के आपूर्तिकर्ताओं (Suppliers) के ठिकानों पर छापेमारी की, तो चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। कई सप्लायर फर्में या तो अस्तित्व में ही नहीं थीं या उनका जीएसटी पंजीकरण बहुत पहले रद्द हो चुका था। आरोपी ने उन फर्मों के नाम पर फर्जी रसीदें तैयार की थीं जो केवल कागजों पर चल रही थीं।
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अधिकारियों ने जब गिरीशभाई गांधी के आवासीय परिसर की तलाशी ली, तो वहां से कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए। ये सबूत स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि बिना माल की आवाजाही के केवल कमीशन कमाने और अवैध लाभ लेने के लिए यह धोखाधड़ी की गई थी। आरोपी ने अपने बयान में स्वीकार किया कि वह इस सिंडिकेट का मुख्य हिस्सा है और उसने इस फर्जीवाड़े से सीधा आर्थिक लाभ प्राप्त किया है।
आरोपी गिरीशभाई गांधी को 10 फरवरी को गिरफ्तार कर स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। विभाग अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और लाभार्थी कंपनियों की तलाश कर रहा है।