प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Illegal Bangladeshi Arrested In Mumbai: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ प्रशासन ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में मुंबई की ओशिवारा पुलिस (Oshiwara Police) ने मंगलवार, 10 फरवरी को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तार व्यक्तियों में चार महिलाएं और एक सात साल की बच्ची भी शामिल है। पुलिस को इन लोगों के इलाके में बिना किसी वैध दस्तावेज के रहने की पुख्ता खुफिया जानकारी मिली थी, जिसके बाद सीनियर इंस्पेक्टर संजय चव्हाण और डीसीपी दीक्षितकुमार गेडाम के नेतृत्व में इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने संदिग्धों के पहचान पत्रों और यात्रा दस्तावेजों की गहनता से जांच की, तो यह पुष्टि हुई कि वे मूल रूप से बांग्लादेश के रहने वाले हैं और भारत में अवैध रूप से निवास कर रहे थे। पकड़े गए समूह में मिली सात वर्षीय बच्ची का विवरण विशेष शाखा (Special Branch) और फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) को भेज दिया गया है, ताकि लागू प्रक्रियाओं के तहत आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
ओशिवारा पुलिस की यह कार्रवाई किसी एक इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे मुंबई में चलाए जा रहे एक व्यापक अभियान का हिस्सा है। पिछले चार दिनों के भीतर मुंबई के विभिन्न हिस्सों से 30 से अधिक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया जा चुका है। यह समन्वित अभियान मुंबई पुलिस की एंटी-टेररिज्म सेल (ATC) के साथ मिलकर चलाया जा रहा है।
ऐसी ही एक अन्य कार्रवाई वर्सोवा पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई, जहां 15 से अधिक व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। इन लोगों के पास भी शहर में रहने के लिए कोई वैध यात्रा या आवासीय दस्तावेज नहीं पाए गए। हिरासत में लिए गए लोगों में पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल हैं। अधिकारी फिलहाल उनके पहचान पत्रों, यात्रा इतिहास और शहर में अवैध रूप से रह रहे अन्य लोगों के साथ उनके संभावित संबंधों की पुष्टि करने में जुटे हैं।
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मुंबई पुलिस के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस उनके देश भेजने (डिपोर्टेशन) के प्रयासों के तहत यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। पुलिस का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया के परिणामों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यह अभियान शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।