कशेली डिपो से रफ्तार पकड़ेगी मेट्रो 5, ठाणे, भिवंडी और कल्याण-उल्हासनगर के सफर में बड़ा बदलाव
Kasheli Metro Depot: मुंबई मेट्रो लाइन 5 के लिए भिवंडी के कशेली में डिपो का निर्माण तेज हो गया है। जून 2026 तक 23% काम पूरा हो चुका है, जिससे ठाणे, भिवंडी, कल्याण और उल्हासनगर के बीच सफर तेज होगा।
- Written By: सूर्यप्रकाश मिश्र | Edited By: गोरक्ष पोफली
कशेली में डिपो का निर्माण कार्य (सोर्स: नवभारत फोटो)
Thane Bhiwandi Kalyan Metro 5: मुंबई के साथ साथ एमएमआर में मेट्रो का जाल तेजी से बिछाया जा रहा है। मुंबई महानगर प्रदेश विकास प्राधिकरण द्वारा मुंबई मेट्रो लाइन 5 के परिचालन, रखरखाव और मेट्रो ट्रेनों के कारशेड की सुविधा के लिए भिवंडी के कशेली में मेट्रो डिपो का निर्माण में तेजी से किया जा रहा है।
कशेली टोल प्लाजा के पास लगभग 27 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस डिपो ने जून 2026 तक कुल 23 प्रतिशत भौतिक प्रगति हासिल कर ली है। इस परियोजना को अगस्त 2025 में वैधानिक पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त हुई थी। इस बहुउद्देश्यीय डिपो को लगभग 32 किलोमीटर लंबे ठाणे–भिवंडी–कल्याण–उल्हासनगर मेट्रो कॉरिडोर के संपूर्ण रोलिंग स्टॉक फ्लीट और दीर्घकालीन परिचालन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित किया जा रहा है। आवश्यक डिपो सुविधाओं को यथाशीघ्र उपलब्ध कराने के लिए एमएमआरडीए ने चरणबद्ध निर्माण रणनीति अपनाई है। इससे डिपो का पूरा निर्माण होने से पहले ही ट्रेनों की जांच, परीक्षण, रखरखाव और कमीशनिंग से जुड़ी गतिविधियां शुरू की जा सकेंगी।
मेट्रो परिचालन के लिए एकीकृत केंद्र
कशेली डिपो मेट्रो लाइन 5 के दैनिक परिचालन और संपूर्ण रखरखाव के लिए केंद्रीय केंद्र के रूप में कार्य करेगा। इस डिपो में लगभग 30 ट्रेनसेट पार्क किए जा सकेंगे। इसके साथ पांच निरीक्षण बे लाइन और चार कार्यशाला लाइन,
समर्पित परीक्षण ट्रैक और शंटिंग सुविधाएं होंगी। रोलिंग स्टॉक के निवारक, सुधारात्मक और प्रमुख रखरखाव की प्रणालियां,डिपो नियंत्रण केंद्र और प्रशासनिक भवन के साथ केंद्रीय और विशेष भंडारण सुविधाएं और आवश्यक कर्मचारी आवास बनाए जाएंगे।
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रिसीविंग सबस्टेशन और सहायक विद्युत प्रणालियां, ट्रेन धुलाई, सफाई और उपयोगिता संबंधी बुनियादी ढांचा, सीवेज और अपशिष्ट जल शोधन संयंत्र, वर्षा जल संचयन और भूमिगत जल निकासी व्यवस्था के साथ अग्निशमन और अग्नि चेतावनी प्रणालियां विकसित की जाएंगी। डिपो की योजना एक पूर्णतः एकीकृत रखरखाव पारिस्थितिकी तंत्र के रूप में बनाई गई है, जो नियमित परिचालन, निरीक्षण, मरम्मत और दीर्घकालीन परिसंपत्ति प्रबंधन में सक्षम होगा।
चुनौतीपूर्ण भू-स्थितियों के लिए उन्नत इंजीनियरिंग
खाड़ी के किनारा होने के कारण परियोजना स्थल पर मूल भूमि स्तर से लगभग छह से नौ मीटर नीचे तक नरम समुद्री चिकनी मिट्टी की परतें मौजूद हैं। मिट्टी की भार-वहन क्षमता बढ़ाने और दीर्घकालीन स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए एमएमआरडीए ने आईआईटी बॉम्बे के विशेषज्ञों के परामर्श से उन्नत भूमि सुधार कार्यक्रम अपनाया है। इस पद्धति में मिट्टी के संघनन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए प्रीफैब्रिकेटेड वर्टिकल ड्रेन्स (PVDs) और चरणबद्ध सरचार्ज लोडिंग का उपयोग किया जा रहा है। प्रारंभ में लगभग 10 हेक्टेयर भूमि को भूमि सुधार के लिए लिया गया था, जहां लगभग 6.2 मीटर ऊंचाई का सरचार्ज तटबंध चरणों में डाला गया है।
प्रमुख निर्माण कार्य प्रगति पर
डिपो के विभिन्न घटकों पर निर्माण कार्य एक साथ जारी है। चार मंजिला डिपो नियंत्रण केंद्र का निर्माण कार्य चल रहा है। आवश्यक कर्मचारी आवास के लिए नींव का काम शुरू हो चुका है। 2,400 मिमी और 2,750 मिमी व्यास वाली बृहन्मुंबई महानगरपालिका की जलवाहिनियों को नीचे करने का कार्य नवंबर 2025 में पूरा किया गया।
शीघ्र परिचालन के लिए सहायक सुविधाएं
मेट्रो लाइन 5 के शीघ्र परिचालन को सुविधाजनक बनाने के लिए एमएमआरडीए स्थायी डिपो के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ अस्थायी सुविधाएं भी विकसित कर रहा है। इनमें प्री-इंजीनियर्ड भवन संरचना और बोगी टर्नटेबल के साथ अस्थायी निरीक्षण पिट शेड, परीक्षण ट्रैक, ऑक्जिलरी सबस्टेशन (ASS) भवन और समर्पित शंटिंग नेक शामिल हैं।
इन सुविधाओं की सहायता से स्थायी डिपो का निर्माण पूरा होने की प्रतीक्षा किए बिना अंतरिम चरण में रोलिंग स्टॉक का निरीक्षण, परीक्षण, कमीशनिंग और ट्रेनों की आवाजाही संभव होगी। परिचालन शुरू होने के बाद कशेली डिपो मेट्रो लाइन 5 की तकनीकी और परिचालन रीढ़ के रूप में कार्य करेगा तथा ठाणे, भिवंडी, कल्याण और उल्हासनगर में सुरक्षित, विश्वसनीय और कुशल मेट्रो सेवाओं को सहायता प्रदान करेगा।
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एमएमआर में मजबूत मेट्रो संपर्क – सीएम
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कशेली डिपो आधुनिक और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे के निर्माण के प्रति महाराष्ट्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मेट्रो लाइन 5 ठाणे, भिवंडी, कल्याण और उल्हासनगर के बीच संपर्क को मजबूत करेगी तथा विकसित और बेहतर रूप से जुड़े महाराष्ट्र के हमारे विजन को आगे बढ़ाएगी। वहीं डिप्टी सीएम एवं एमएमआरडीए के अध्यक्ष एकनाथ शिंदे ने कहा कि कि कशेली डिपो मेट्रो लाइन 5 के सुरक्षित और कुशल परिचालन में केंद्रीय भूमिका निभाएगा। इसकी निरंतर प्रगति मुंबई महानगर प्रदेश को अधिक तेज, विश्वसनीय और उच्च क्षमता वाले सार्वजनिक परिवहन संपर्क के और करीब ला रही है।
एमएमआरडीए के महानगर आयुक्त डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि कशेली डिपो मेट्रो लाइन 5 की परिचालन आधारशिला है। चुनौतीपूर्ण भू-स्थितियों के बावजूद वैज्ञानिक इंजीनियरिंग, सूक्ष्म नियोजन और चरणबद्ध क्रियान्वयन के माध्यम से परियोजना आगे बढ़ रही है। यह आने वाले कई दशकों तक विश्वसनीय परिचालन को सहायता देने वाली सुदृढ़ मेट्रो अवसंरचना उपलब्ध कराने के प्रति एमएमआरडीए की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
