मुंबई में मानसून के साथ डेंगू-मलेरिया का डबल अटैक; BMC ने जारी किए डराने वाले आंकड़े, डेंगू के बढ़े 204 मरीज
Mumbai Dengue Cases Rise BMC 2026: मुंबई में पिछले साल के मुकाबले डेंगू और मलेरिया के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद बीएमसी ने एडवाइजरी जारी की है।
- Written By: अनिल सिंह
Mumbai Dengue Cases: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मानसून की दस्तक के साथ ही जलजन्य और मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप तेजी से बढ़ने लगा है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के सार्वजनिक आरोग्य विभाग के साथरोग नियंत्रण कक्ष द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल मुंबई में डेंगू और मलेरिया जैसी घातक बीमारियों के मामलों में पिछले साल की तुलना में चिंताजनक वृद्धि दर्ज की गई है।
आंकड़ों के मुताबिक, जहां पिछले साल (2025) 14 जुलाई तक मुंबई में डेंगू के 734 मामले सामने आए थे, वहीं इस साल (2026) इसी अवधि में यह संख्या बढ़कर 938 तक पहुंच गई है, यानी सीधे तौर पर 204 नए मरीजों का इजाफा हुआ है।
डेंगू और मलेरिया के आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता; लेप्टो का भी खतरा
बीएमसी द्वारा 15 जुलाई 2026 को जारी तुलनात्मक रिपोर्ट के अनुसार, डेंगू-मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखी गई है। पिछले साल 14 जुलाई तक मलेरिया के 3,115 मामले दर्ज थे, जो इस साल बढ़कर 3,681 हो गए हैं। इसके अलावा लेप्टोस्पायरोसिस के मामले भी 136 से बढ़कर 157 पर पहुंच गए हैं।
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हालांकि, राहत की बात यह है कि चिकनगुनिया (179 से घटकर 31), गैस्ट्रो (4831 से घटकर 3866) और कोविड-19 (1049 से घटकर केवल 71) के मामलों में इस साल उल्लेखनीय कमी आई है। हाल ही में हुई मूसलाधार बारिश के कारण जगह-जगह हुए जलजमाव को देखते हुए बीएमसी ने नागरिकों को लेप्टोस्पायरोसिस के प्रति विशेष सावधानी बरतने और दूषित पानी के संपर्क में आने पर तुरंत लेप्टो रोधक दवाएं (प्रोफिलेक्सिस) लेने की सलाह दी है।
बीएमसी का ‘स्पेशल कंस्ट्रक्शन ड्राइव’ और बड़ा सर्वेक्षण
मच्छरों के पनपने वाले स्थानों को नष्ट करने के लिए बीएमसी के स्वास्थ्य विभाग ने जून और जुलाई के महीने में एक व्यापक ‘स्पेशल कंस्ट्रक्शन ड्राइव’ चलाया है। इस मुहिम के तहत अब तक शहर की करीब 3,000 निर्माण साइट्स की सघन जांच की जा चुकी है, जहां काम करने वाले 54,763 मजदूरों के रक्त के नमूने लिए गए। इनमें से 37 मजदूर मलेरिया से पीड़ित पाए गए, जिनका इलाज शुरू कर दिया गया है।
इसके साथ ही, 1 जून से 14 जुलाई 2026 के बीच बीएमसी की टीमों ने 10.69 लाख से अधिक घरों का सर्वेक्षण कर 36.81 लाख से अधिक आबादी की जांच की है। वेक्टर नियंत्रण अभियान के तहत एनोफिलीस डास (मलेरिया वाहक) के 5,341 और एडिस डास (डेंगू वाहक) के 22,041 उत्पत्ति स्थानों को खोजकर नष्ट किया गया है, साथ ही कबाड़ और टायरों के 66,595 स्टॉक को भी हटाया गया है।
बीएमसी ने जारी की स्वास्थ्य एडवाइजरी
महानगरपालिका ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और इमारतों के आस-पास पानी जमा न होने दें, क्योंकि ठहरे हुए साफ पानी में ही डेंगू के मच्छर अंडे देते हैं। पुराने टायर, प्लास्टिक कंटेनर और खुली टंकियों को तुरंत साफ करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, जलजमाव वाले रास्तों पर नंगे पैर चलने से बचने, उबला हुआ पानी पीने और बाहर का खुला भोजन न खाने की सलाह दी गई है। बीएमसी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि किसी भी नागरिक को बुखार, बदन दर्द या सिरदर्द जैसे लक्षण महसूस होते हैं, तो वे खुद से दवा लेने से बचें और तुरंत नजदीकी ‘हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे आपला दवाखाना‘ या बीएमसी अस्पताल में जाकर मुफ्त जांच और पूर्ण इलाज कराएं।
