नवनीत राणा व सहर शेख (सोर्स: सोशल मीडिया)
Navneet Rana On Sahar Sheikh: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है। ठाणे के मुंब्रा इलाके से एमआईएम (AIMIM) की जीत के बाद नगरसेविका सहर शेख ने पूरे क्षेत्र को ‘हरा’ करने का दावा किया था।, इस पर पलटवार करते हुए पूर्व सांसद नवनीत राणा ने स्पष्ट किया कि यह देश छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों पर चलता है।
ठाणे महानगरपालिका चुनाव के नतीजों ने मुंब्रा के राजनीतिक समीकरणों को बदल दिया है। यहाँ प्रभाग 30 से नवनिर्वाचित नगरसेविका सहर शेख ने एक विजयी जुलूस के दौरान आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि आने वाले समय में वे पूरे मुंब्रा विधानसभा क्षेत्र को जीत लेंगे और संपूर्ण मुंब्रा ‘हरा’ हो जाएगा। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और मामला राज्य स्तर तक पहुंच गया।
सहर शेख ने न केवल जीत का जश्न मनाया बल्कि जितेंद्र आव्हाड को चुनौती देते हुए “कैसा हराया?” जैसा सवाल भी पूछा, जो अब इंटरनेट पर वायरल हो रहा है। सहर शेख, प्रभावशाली नेता युनूस शेख की बेटी हैं, जो कभी आव्हाड के कट्टर समर्थक थे, लेकिन अब एमआईएम के बैनर तले उनके ही गढ़ में सेंध लगा चुके हैं।
“Flower Nahi Fire”. Youngest AIMIM elected councilor Sahar Shaikh from Mumbrapic.twitter.com/MSne9iGyM2 — Sam Khan (@SamKhan999) January 19, 2026
सहर शेख के इस बयान पर भाजपा नेता और पूर्व सांसद नवनीत राणा ने कड़ा रुख अपनाया है। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सहर शेख को सीधा संकेत देते हुए कहा कि “मुंब्रा हरा करने” का सपना कभी पूरा नहीं होगा। राणा ने जोर देकर कहा कि इस देश में केवल ‘भगवा’ और ‘नीला’ रंग ही चलेगा।
नवनीत राणा ने आगे कहा कि यह देश छत्रपति शिवाजी महाराज के सिद्धांतों का पालन करता है और जब तक उनके जैसे ‘शिवबा’ के भक्त जीवित हैं, तब तक कोई भी इस देश से भगवा को नहीं हटा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके रक्त में शिवाजी महाराज के विचार हैं, जो किसी भी सांप्रदायिक रंग की राजनीति को सफल नहीं होने देंगे।
मामले की गंभीरता और इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए मुंब्रा पुलिस ने तत्काल कदम उठाए हैं। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 168 के तहत सहर शेख और उनके पिता युनूस शेख को नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने उन्हें चेतावनी दी है कि वे ऐसा कोई भी बयान न दें जिससे समाज में दरार पैदा हो, साथ ही उन्हें सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते समय संयम बरतने का निर्देश दिया गया है।
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इस बार के निकाय चुनाव में एआईएमआईएम ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। पार्टी ने 13 शहरों में 125 सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई है, जिसमें से ठाणे की 5 सीटें भी शामिल हैं। मुंब्रा में आव्हाड के गढ़ को ढहाने के बाद सहर शेख की जीत ने यह संकेत दिया है कि यहां की राजनीति अब धर्म और प्रतीकों के इर्द-गिर्द सिमटती जा रही है। नवनीत राणा के इस विवाद में कूदने के बाद अब यह लड़ाई विकास के बजाय रंगों और विचारधाराओं के संघर्ष में तब्दील होती दिख रही है।