आईवीएफ सेंटर की आड़ में अंतरराष्ट्रीय रैकेट का शक, नाशिक में छापेमारी के बाद खुलासा
Nashik IVF Racket: बदलापुर में चल रहे कथित स्त्रीबीज तस्करी रैकेट के तार नाशिक तक जुड़े मिले हैं। पुलिस ने डॉक्टर अमोल पाटिल को गिरफ्तार किया है। IVF सेंटर की आड़ में अवैध गतिविधियों की जांच जारी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
Badlapur egg trafficking investigation (सोर्सः सोशल मीडिया)
Badlapur Egg Trafficking Investigation: बदलापुर में चल रही स्त्रीबीज तस्करी के तार नाशिक तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने डॉ। अमोल पाटिल को गिरफ्तार किया है।
आईवीएफ सेंटर की आड़ में चल रहे इस अवैध धंधे के अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैलने की आशंका पुलिस ने जताई है। इस कार्रवाई से सरोगेसी और आईवीएफ क्षेत्र में मौजूद काले बाजार का पर्दाफाश हुआ है। डॉ अमोल पाटिल सरोगेट मदर और स्त्रीबीज काम कर रहा था।
जांच में सामने आया है कि यह पूरा रैकेट बदलापुर से संचालित किया जा रहा था। आईवीएफ सेंटर के नाम पर जरूरतमंद महिलाओं को पैसों का लालच देकर उनके स्त्रीबीज अवैध तरीके से बेचे जा रहे थे। बताया जा रहा है कि बड़ी रकम का प्रलोभन देकर महिलाओं को इस रैकेट में फंसाया जाता था।
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बदलापुर उप जिला अस्पताल की मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ। ज्योत्स्ना सावंत के नेतृत्व में एक टीम ने सुलक्षणा गाडेकर के घर छापा मारा जहां यह चौंकाने वाला मामला उजागर हुआ। इस प्रकरण में पुलिस ने सुलक्षणा गाडेकर, अश्विनी चाबुकस्वार और मंजुषा वानखडे के खिलाफ मामला दर्ज किया है। संदिग्ध एजेंटों से गहन पूछताछ जारी है।
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जांच में मिली अहम जानकारी
- जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि यह रैकेट सिर्फ महाराष्ट्र या देश तक सीमित नहीं है बल्कि इसके तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जुड़े हो सकते हैं।
- पुलिस का प्राथमिक अनुमान है कि विदेशों में ग्राहकों को ये स्त्रीबीज लाखों रुपये में बेचे जा रहे होंगे।
- डॉ अमोल पाटिल की गिरफ्तारी के बाद नाशिक स्थित उसके मालती आईवीएफ सेंटर पर भी संकट मंडरा रहा है।
नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग ने सेंटर के सभी दस्तावेज, मरीजों के रिकॉर्ड और स्त्रीबीज संग्रह की प्रक्रिया की वैधता की जांच शुरू कर दी है।
