महाराष्ट्र में 2,500 पशु चिकित्सकों का सामूहिक इस्तीफा अल्टीमेटम, 10 मार्च से सेवाएं ठप होने की आशंका

Veterinary staff shortage Maharashtra: महाराष्ट्र में 2,500 सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारी और 4,000 पशुधन पर्यवेक्षकों ने 10 मार्च को सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी दी है।
Veterinary staff shortage Maharashtra
महाराष्ट्र में वेटनरी स्टाफ़ की कमी (सौ. सोशल मीडिया )
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Maharashtra Veterinary Officers Mass Resignation: मुंबई से मिली जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र में सरकारी पशु चिकित्सा सेवाएं गंभीर संकट से गुजर रही हैं। लगभग 2,500 सरकारी पशु चिकित्सा अधिकारियों और 4,000 पशुधन पर्यवेक्षकों ने 10 मार्च को सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है।

कर्मचारियों का आरोप है कि राज्य सरकार उनकी लंबित मांगों को लगातार नजरअंदाज कर रही है, जिसके चलते उन्हें यह कड़ा कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है।

ग्रामीण क्षेत्रों पर सबसे ज्यादा असर

यदि इस्तीफे का निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाएं पूरी तरह ठप हो सकती हैं। राज्यभर के हजारों सरकारी पशु चिकित्सालयों और उपकेंद्रों में इलाज और आपात सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। 10 मार्च से पहले समाधान निकलता है या नहीं, इस पर पशुपालकों और ग्रामीण समुदाय की नजरें टिकी हैं।

राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान

महाराष्ट्र राजपत्रित पशुवैद्यक संगठन ने पशुसंवर्धन विभाग की नीतियों के विरोध में राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ दिया है। संगठन का कहना है कि विभाग में भारी स्टाफ की कमी है और सीमित कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्यभार डाला जा रहा है।

एक डॉक्टर, कई गांवों की जिम्मेदारी

वर्तमान स्थिति में एक-एक पशु चिकित्सक को कई गांवों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ क्लिनिकल सेवाएं और रात के समय आपातकालीन सेवाएं भी देना अनिवार्य किया गया है।

संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अब देखना होगा कि 10 मार्च से पहले सरकार और संगठन के बीच कोई समझौता होता है या नहीं।

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