मीरा-भाईंदर में बढ़ा शिवाजी महाराज प्रतिमा विवाद, हार की रार में जनता को गुमराह कर रहे सरनाईक: नरेंद्र मेहता
Mira Bhayandar Politics: मीरा-भाईंदर में विधायक नरेंद्र मेहता ने शिवाजी महाराज प्रतिमा विवाद, 138 करोड़ निधि हस्तांतरण और प्रॉपर्टी टैक्स मुद्दे पर मंत्री प्रताप सरनाईक पर निशाना साधा।
- Written By: आंचल लोखंडे
Narendra Mehta (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Shivaji Maharaj Statue Controversy: काशीमीरा नाका स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की अश्वारूढ़ प्रतिमा के मरम्मत और संभावित स्थानांतरण के मुद्दे ने शहर की राजनीति को गरमा दिया है। शुक्रवार को आयोजित पत्रकार परिषद में विधायक नरेंद्र मेहता ने परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कई गंभीर खुलासे किए।
मेहता ने कहा कि काशीमीरा नाका पर स्थापित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा लगभग 30 वर्ष पुरानी हो चुकी है। आसपास की सड़कों की ऊंचाई बढ़ने, मेट्रो पुल और फ्लाईओवर निर्माण के कारण प्रतिमा का चबूतरा धंस गया है। मनपा द्वारा कराए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में प्रतिमा में कई स्थानों पर दरारें पाए जाने के बाद उसकी तत्काल मरम्मत आवश्यक बताई गई है।उन्होंने स्पष्ट किया कि मनपा महासभा में पारित प्रस्ताव में कहीं भी प्रतिमा को स्थानांतरित करने का उल्लेख नहीं है, बल्कि केवल मरम्मत का प्रस्ताव पारित किया गया है। इसके बावजूद मंत्री सरनाईक इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।
“ 24 केस ” वाले आरोप पर मेहता का जवाब
पत्रकार परिषद में मेहता ने सरनाईक द्वारा उन पर 24 केस दर्ज होने के आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1997 से अब तक उनके राजनीतिक जीवन के दौरान विभिन्न आंदोलन और प्रदर्शनों में शामिल होने के कारण ये मामले दर्ज हुए थे, जिनमें से अब केवल 3-4 केस ही शेष हैं। इसके बावजूद उन्हें बदनाम करने के उद्देश्य से बार-बार 24 केसों का उल्लेख किया जा रहा है।
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स्विमिंग पूल और कला दालान में भ्रष्टाचार का आरोप
मेहता ने स्व। बालासाहेब ठाकरे कला दालान तथा विभिन्न आरक्षित भूखंडों पर बनाए गए स्विमिंग पूलों में भ्रष्टाचार होने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं में पारदर्शिता नहीं बरती गई और जनता के पैसों का दुरुपयोग किया गया।
प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धि पर भी दिया स्पष्टीकरण
प्रॉपर्टी टैक्स वृद्धि के मुद्दे पर मेहता ने कहा कि पुरानी संपत्तियों के कर में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस विषय पर भी लोगों के बीच गलत जानकारी फैलाकर भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है।
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138 करोड़ की निधि हस्तांतरित करने पर सवाल
मीरा-भाईंदर मनपा के लिए लाई गई 138 करोड़ रुपए की निधि को ठाणे मनपा में हस्तांतरित किए जाने के मुद्दे पर भी मेहता ने सरनाईक पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि किसी विधायक की निधि दूसरे निर्वाचन क्षेत्र में खर्च नहीं की जा सकती, लेकिन सरनाईक चाहें तो उसी निधि का उपयोग मीरा-भाईंदर मनपा सीमा में उनके निर्वाचन क्षेत्र में कर सकते थे। मेहता ने आरोप लगाया कि मनपा में भाजपा की सत्ता होने के कारण यहां भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं थी, इसलिए राजनीतिक हार का बदला शहरवासियों से लिया जा रहा है।
43 माह पहले ही जिलाधिकारी ने दिए थे मरम्मत के निर्देश
मेहता ने बताया कि तत्कालीन ठाणे जिलाधिकारी अशोक शिंगारे ने नवंबर 2022 में ही मनपा प्रशासन को प्रतिमा की जर्जर स्थिति को देखते हुए शीघ्र मरम्मत कराने तथा आवश्यकता पड़ने पर अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की सलाह और निर्देश दिए थे। जिलाधिकारी ने अपने पत्र में सड़क की भराई से प्रतिमा के पांच फुट तक ढंक जाने तथा मेट्रो और फ्लाईओवर के बीच प्रतिमा की दृश्यता प्रभावित होने का भी उल्लेख किया था। हालांकि, प्रशासकीय कार्यकाल में इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
